Hansi News Today : सिसाय बोलान में सिंचाई खाल निर्माण कार्य में घटिया सामग्री
Hansi News Today : भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा देने वाली भाजपा सरकार की आंखों के नीचे सड़क निर्माण से लेकर खेतों में सिंचाई करने के लिए बनाए जा रहे नालों के निर्माण कार्य में आए दिन धांधली के मामले सामने आ रहे हैं उसके बावजूद भी ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही। हांसी उपमंडल के गांव सिसाय बोलान में खेतों में सिंचाई करने के लिए बनाए जा रहे खाल निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाने का आरोप किसानों द्वारा लगाया जा रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को किसानों ने जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया। आरोप है कि ठेकेदार अधिकारियों के साथ मिलकर नाली निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग कर रहा है और शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे।

शुक्रवार को किसान सतबीर ने अपने खेत में बन रहे खाल को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग द्वारा करवाए जा रहे इस कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। किसान सतबीर ने बताया कि निर्माण में कमजोर और घटिया ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे खाल की मजबूती पर संदेह बना हुआ है। इसके अलावा मसाले में सीमेंट की मात्रा भी मानकों से काफी कम है, जिससे पकड़ कमजोर हो रही है। ( Hansi News Abtak )
फर्श पर डाली जा रही पालीथिन भी निम्न गुणवत्ता की है, जो जल्द फट सकती है और पानी रिसाव की स्थिति पैदा कर सकती है। सतबीर ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई, तो यह खाल जल्द ही टूट सकता है, जिससे न केवल किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग होगा। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव राजेश शर्मा, जयवीर सियाग और सुरेश मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी निर्माण में प्रयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच करवाने और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने मांग की है। ( Sisai Bolan News )
राजेश शर्मा ने बताया कि यह खाल करीब 60 एकड़ क्षेत्र की सिंचाई के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका आधा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मगर शुरुआत से ही घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जो भविष्य में किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के एसडीओ मक्खन सिंह को भी किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। ( Hisar News Abtak )
मिलीभगत से फेल सैंपल भी हो रहे पास
सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यक्रम में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों के मुताबिक ईंट और सीमेंट मसाले का लैब में टेस्ट करवाया जाता है जिससे यह पता चल सके कि ईंट की क्वालिटी कैसी है और इसमें प्रयोग किया जा रहा हूं सीमेंट मसाला कैसा इस्तेमाल किया जा रहा है। परंतु जांच लैब में भी ठेकेदारों और वहां पर तैनात कर्मचारियों की मिली भगत होती है और वहां पर दो नंबर से तीन नंबर की ईंट को एक नंबर की ईंट की रिपोर्ट तैयार करने के अलग-अलग रेट किए हुए हैं। ईटों की जांच हिसार बीएंड आर लैब में होती है। जबकि मसाले ( मोटार) की गुणवत्ता जांच भिवानी लैब में करवाई जाती है और वहां भी इसी तरह रेश्यू के हिसाब से ठेकेदार से पैसे वसूल किए जाते हैं। जहां पर घटिया से घटिया किस्म की ईंट और सीमेंट मसाले को तय मापदंडों के अनुसार रिपोर्ट बनाकर दे दी जाती है और ठेकेदार को क्लीन चिट मिल जाती है।
Poor quality material used in irrigation canal construction work in Sisai Bolan