राजथल में नशे के खिलाफ ग्रामीणों की अनोखी पहल, ‘तीसरी आंख’ से रखी जा रही हर गतिविधि पर नजर
गांव के प्रमुख रास्तों और नशे के संभावित ठिकानों पर लगाए CCTV कैमरे, दिन में बुजुर्ग तो रात में युवा संभाल रहे निगरानी की जिम्मेदारी
Narnaund News: राजथल गांव में बढ़ती नशे की समस्या को रोकने के लिए ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गांव के चारों तरफ और प्रमुख रास्तों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। ग्रामीण इन कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नशे का कारोबार किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की समस्या है। इसी सोच के साथ ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास शुरू किया है।
दिन में बुजुर्ग, रात में युवा संभाल रहे पहरा
नशा मुक्त गांव अभियान के तहत ग्रामीणों ने निगरानी के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं। दिन के समय बुजुर्ग ग्रामीण नाकों पर निगरानी रख रहे हैं, जबकि रात में युवाओं की टीमें सक्रिय रहती हैं। गांव के प्रमुख रास्तों पर आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नशे से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पहले भी निगरानी की कोशिश की गई थी। कुछ स्थानों पर कैमरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा कैमरे लगाकर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया।
नशा बेचने वालों की पहचान पर विशेष नजर
ग्रामीणों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि गांव को नशामुक्त बनाना है। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर उसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को देने का निर्णय लिया गया है।
गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को खेल और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरपंच प्रतिनिधि बोले- नशा पूरे समाज की समस्या
सरपंच प्रतिनिधि अनिल गोदार ने कहा कि नशा केवल किसी एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि इससे पूरा समाज प्रभावित होता है। गांव को नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और गांव में सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव के लोग खुद जागरूक होकर नशे के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक समस्या का पूरी तरह समाधान मुश्किल है। इसी कारण CCTV निगरानी और ग्रामीण पहरे को लगातार जारी रखने का फैसला लिया गया है।
गांव की ‘तीसरी आंख’ बने CCTV कैमरे
राजथल में लगाए गए CCTV कैमरों को ग्रामीण गांव की ‘तीसरी आंख’ मान रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लगातार निगरानी और पुलिस-प्रशासन के सहयोग से नशे की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।









