VanDyke Case: NIA की बड़ी सफाई, UAPA के तहत आतंकी एंगल की जांच अभी जारी
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिक और कथित विदेशी भाड़े के लड़ाके
मैथ्यू आरोन VanDyke तथा छह यूक्रेनी नागरिकों से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। NIA सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ
आतंकी साजिश के एंगल से जांच अभी खत्म नहीं हुई है। आरोपियों के खिलाफ दायर चार्जशीट में फिलहाल विदेशी नागरिकों से संबंधित कानून के तहत सामने आए अपराधों को शामिल किया गया है, जबकि कथित आतंकी साजिश की जांच आगे भी जारी रहेगी।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब NIA की ओर से दिल्ली की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में
UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गईं। इससे राजनीतिक और कानूनी हलकों में सवाल उठने लगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नागरिक VanDyke के मामले में केंद्र सरकार पर अमेरिका की ओर से दबाव हो सकता है।
हालांकि, NIA सूत्रों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि
UAPA के तहत जांच बंद नहीं हुई है और जांच आगे बढ़ने पर आवश्यकता के अनुसार पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
क्या है VanDyke मामला?
मैथ्यू आरोन VanDyke और छह यूक्रेनी नागरिकों को इस साल मार्च में एक गुप्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि ये लोग
म्यांमार में भारत विरोधी जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने से जुड़े थे।
VanDyke का नाम दुनिया के कई संघर्ष क्षेत्रों से जुड़ा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और उनके कथित नेटवर्क को लेकर काफी चर्चा हुई।
जांच एजेंसियों के सामने मुख्य सवाल यह था कि भारत में उनकी गतिविधियों का संबंध किसी व्यापक आतंकी साजिश से था या नहीं।
शुरुआत में UAPA की धारा 18 के तहत हुई थी कार्रवाई
मामले में शुरुआत में VanDyke और अन्य आरोपियों के खिलाफ
UAPA की धारा 18 के तहत कार्रवाई की गई थी। यह धारा आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की साजिश से संबंधित है।
लेकिन मंगलवार को विशेष दिल्ली अदालत के समक्ष दाखिल की गई चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं दिखाई दीं। चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ
Immigration and Foreigners Act के तहत अपराधों का उल्लेख किया गया।
यही बदलाव विवाद का मुख्य कारण बना।
180 दिन की हिरासत अवधि खत्म होने से पहले दाखिल हुई चार्जशीट
NIA सूत्रों के अनुसार, VanDyke और अन्य आरोपियों की
180 दिन की हिरासत अवधि 8 सितंबर को समाप्त होने वाली थी। ऐसे में जांच एजेंसी के लिए निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी था।
जांच के दौरान विदेशी नागरिकों से जुड़े ऐसे अपराध सामने आए जिन्हें प्रथम दृष्टया स्थापित माना गया। इसलिए चार्जशीट में फिलहाल
Foreigners Act से संबंधित अपराधों को शामिल किया गया।
NIA का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि आतंकी एंगल की जांच समाप्त हो गई है।
NIA ने UAPA को लेकर क्या कहा?
NIA सूत्रों ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ कथित आतंकी साजिश की जांच अभी जारी है। चार्जशीट में भी आगे की जांच की संभावना का उल्लेख किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक,
आगे की जांच पूरी होने के बाद जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
इसका अर्थ है कि फिलहाल चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं होने को मामले में आतंकी एंगल से क्लीन चिट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
NIA की स्थिति
- आतंकी साजिश के एंगल की जांच जारी है।
- मौजूदा चार्जशीट में विदेशी नागरिकों से जुड़े स्थापित अपराध शामिल किए गए हैं।
- आगे की जांच के बाद पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
- UAPA से जुड़े पहलुओं की जांच अभी खुली हुई है।
- अमेरिकी अधिकारियों की ओर से VanDyke के मामले को उठाना जांच के नतीजे को तय नहीं करेगा।
कांग्रेस ने लगाए अमेरिका के दबाव के आरोप
चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं होने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नागरिक VanDyke के मामले में सरकार अमेरिका के दबाव में नरम रुख अपना रही है।
VanDyke की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका में भी इस मामले को लेकर दिलचस्पी बनी हुई है। कई अमेरिकी अधिकारियों ने उनकी लंबी हिरासत का मुद्दा उठाया है।
पिछले महीने VanDyke के परिवार ने भी
Donald Trump प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की थी।
क्या अमेरिकी दबाव से प्रभावित है जांच?
NIA सूत्रों ने संकेत दिया कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अपने नागरिक की स्थिति के बारे में जानकारी लेना सामान्य
consular practice का हिस्सा है।
किसी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी या हिरासत के मामले में संबंधित देश के अधिकारी अपने नागरिक की कानूनी स्थिति और सुरक्षा को लेकर जानकारी मांग सकते हैं। NIA सूत्रों के अनुसार, ऐसी बातचीत का मतलब यह नहीं है कि जांच किसी बाहरी दबाव के आधार पर संचालित की जा रही है।
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मामला उठाए जाने से जांच के अंतिम परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
VanDyke को लेकर क्यों है इतनी चर्चा?
मैथ्यू आरोन VanDyke का नाम अंतरराष्ट्रीय संघर्ष क्षेत्रों में सक्रिय लोगों के संदर्भ में पहले भी सामने आता रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके कथित संबंधों और गतिविधियों को लेकर कई तरह के दावे और अटकलें सामने आईं।
कुछ रिपोर्टों और चर्चाओं में उन्हें अमेरिका के कथित “डीप स्टेट” से जोड़ने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, ऐसे दावों को
पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता, जब तक जांच एजेंसियों या विश्वसनीय आधिकारिक स्रोतों से इसकी पुष्टि न हो।
इस मामले में भी मुख्य महत्व NIA की जांच और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का है।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में NIA की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच के दौरान कथित आतंकी साजिश से जुड़े पर्याप्त सबूत सामने आते हैं, तो एजेंसी कानून के तहत
पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है और आवश्यक धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल अदालत के सामने दाखिल चार्जशीट में विदेशी नागरिकों से संबंधित अपराधों को शामिल किया गया है। इसलिए UAPA की धाराएं न लगाए जाने को मामले का अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी।
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