Hisar barish Bani aafat, darjanon gaon mein badh
करीब 57 हजार 832 एकड़ में जलभराव, जल निकासी के प्रशासन के प्रयास नाकाफी
Hisar barish News : हिसार जिले में मानसून के शुरुआती दौर में सामान्य से करीब 40 फीसद से अधिक बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। खासकर जिले के ग्रामीण एरिया में बरसाती पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने के कारण हालात बेहद खराब हो चुके हैं। प्रशासन द्वारा तहसील वाइज तैयार एक रिपोर्ट के अनुसार जिले के करीब 100 गांव में ऐसे है, जहां पर जलभराव है। इनमें से कई गांव तो ऐसे है, जहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जिले में करीब 57 हजार 832 एकड़ में जलभराव है। कई गांवों में लोगों पानी से घिरे होने के कारण घरों में कैद होकर रहे गए हैं।

उधर, प्रशासन की तरफ से Hisar barish पानी निकासी का कार्य लगातार जारी है, लेकिन जलस्तर ऊपर आने तथा कई क्षेत्रों में माइनर टूटने के कारण जल निकासी के कार्यों में दिक्कत आ रही है। किररानों का मानना है कि जलभराव के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो गई है, अगर समय से बरसाती पानी को निकासी नहीं की गई तो रबी की फसलों की विजाई पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
Hisar barish के कारण गांव शाहपुर व घिराय समेत कई गांवों में भरा पानी

जानकारी के अनुसार जिले के गांव शाहपुर, लुवास, न्योलीकलां, आर्यनगर, सीसवाल, सारंगपुर, कोहली, महलसरा, सातरोड रायपुर, शिकारपुर मगाना, गंगवा, मिर्जापुर, सुलखनी, राजली, धांसू, बुगाना, खरकड़ी, खोखा, घिराय, लितानी, चैनत, भाटला, रामायण, देपल, ढ़ढेरी, ढाणा कलां, ढाणा खुर्द, महेंदा, जमावड़ी कुंभा, थुराना, जीतपुरा, भाटोल जाटान, सोरखी, गांव बास, बडाला, पुट्टी. बड़छप्पर, खरबला, मदन हेड़ी, सिंघवा खास, सीसर, मोहला, उगालन, भकलाना, धर्म खेड़ी. घुसकानी, पेटवाड़, राजपुरा, पाली समेत कई गांवों में जलभराव है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हांसीः विधायक भयाणा ने विधानसभा में की गांवों में जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करवाने की मांग
Hansi Barish News : विधायक विनोद भयाना ने बुधवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ( Hisar barish ) हल्के के जल भराव वाले क्षेत्र में अतिरिक्त बरसाती पानी निकासी को लेकर स्थाई प्रबंध करवाने की मांग की। विधायक ने कहा कि हांसी हल्का के गांव ढाणा खुर्द, ढाणा कला, रामपुरा, भाटोल जाटान, जीत पुरा, महेंदा, चैनत, भाटला, कुम्भा, जमावड़ी, गढ़ी, सोरखी तथा थुराना इत्यादि गांवों में बरसात होने पर अत्यधिक मात्रा में जल भराव हो गया है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और किसानों की फसलें खराब हो जाती है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इन गांव में बरसाती जल निकासी को लेकर स्थाई प्रबंध किए जाएं ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो। विधायक विनोद भयाणा द्वारा विधानसभा में रखी गई।
मांग के जवाब में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हांसी हल्का में बरसाती पानी निकासी की स्थाई व्यवस्था को लेकर 24 करोड़ रुपये लागत की सात विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिनमें से तीन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है और चार पर वर्तमान में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक विनोद भयाना ने जिन गांव में जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। उन गांवों को भी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत टेकअप किया जाएगा। इन सभी गांव में जल निकासी के लिए स्थाई प्रबंध करवाए जाएंगे।
उकलाना में भी हाल बेहाल : जोहड ओवरफ्लो स्कूल में घुस गया पानी, बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित
Hisar barish से उकलाना कस्बे के वार्ड 1,11 व 13 के अंतर्गत आने वाले जोहड़ ओवरफ्लो हो गए, जिससे राजकीय उच्च विद्यालय उकलाना गांव एवं राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय उकलाना गांव के स्कूलों में पानी घुस गया और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई।
स्कूल का मुख्य द्वार जो मुख्य रूप से पानी में डूबा है, बच्चों को चप्पल के साथ में स्कूल जाना पड़ता है। राजकीय उच्च विद्यालय उकलाना गांव प्रबंधक कमेटी के प्रधान कृष्ण कुमार, स्कूल मुख्य अध्यापक रेनू लोहिया, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय के मुख्य शिक्षक युद्धवीर सिंह की ओर से नगर पालिका सचिव को पत्राचार किया गया कि इस समस्या का स्थाई समाधान हो क्योंकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। साथ ही परिजनों को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सता रही है।
मिर्जापुर गांव की आबादी में भी घुसा पानी

Hisar barish से गांव धांसू गांव के खेतों में नरमा कपास की कई एकड़ फसल जल मग्न हो गई हैं। किसान मनीष जांगड़ा ने बताया कि बारिश से नरमा कपास की फसल में दो से तीन फीट खड़ा है लेकिन निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। किसानों से गिरदावरी करने और मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है। सुलखली, बुगाना गांव में बारिश के कारण नरमा कपास खराब हो गई। दूसरी तरफ मिर्जापुर गांव के पाना महराणा की आबादी में भी पानी घुस गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश का पानी घरों की तरफ पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा पानी निकासी के प्रबंध भी किए गए लेकिन अब हुई बारिश से हालात ज्यादा बिगड़ गए। ग्रामीण नरेश कुमार ने बताया कि प्रशासन स्थाई समाधान करें ताकि समस्या से हर बार परेशान न होना पड़े। उधर, बालक गांव में कर्मबीर का मकान बारिश के कारण कंडम हो गया। पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि कभी हादसा हो सकता है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते कहां की प्रशासन आर्थिक सहायता की मदद करें।
सुलखनी में बारिश का पानी निकालना शुरू

सुलखनी गांव की इंदिरा आवास बस्ती और स्कूल गेट के सामने वाली गली में खड़े बारिश के पानी को निकालने की कार्रवाई ग्राम पंचायत सुलखनी सरपंच प्रतिनिधि विकास रेलन ने देर रात्रि शुरू करवा दी। रेलन ने कहा कि उनकी कोशिश है कि सामीणों को बारिश के पानी से जल्दी राहत मिल जाए। पंचायत मंगलवार रात से ही पानी निकालने की कार्रवाई तेज कर दी। बुधवार सुबह स्कूल गेट के आगे खड़े पानी को लगभग क्लीन करवा दिया। अब बस्ती के पानी को निकालने में पंचायत जुटी हुई है। सरपंच प्रतिनिधि विकास रेलन खुद ही पानी को निकालने में लगे हुए हैं ताकि फिर ये दिक्कत पैदा न हो।
सरकार ने खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला

Narnaund News । गांव बास, बडाला, पुट्टी, बदछप्पर, खरबला, मदन हेड़ी, सिंघवा खास सीसर, मोहला, उगालन, भकलाना, धर्म खेड़ी, घुसकानी, पेटवाड़, पाली सहित विभिन्न गांव में बरसात के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति है। इसके कारण किसानों की धान की फसल खराब हो गई थी।
किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायच सिंह सैली से मुआवजा देने की मांग रखी थी। सरकार इन गांवों के किसानों के लिए नुकसान के वावे अपलोड करने के लिए सरकार ने 31 अगस्त तक क्षतीपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। 15 सितंबर तक सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद जिन किसानों का नुकसान हुआ है उनको मुआवजा वितरित किया जाएगा।