“50 ग्राम ड्रग्स की पुड़िया जेब में रख दूंगा जमानत भी नहीं होगी”
Viral News: मुंबई में प्रदर्शन में आए छात्रों को देवेंद्र फडणवीस की पुलिस झूठे केस में फँसाने की धमकी दे रही थी। लेकिन students का reaction बता रहा है उन्हें घंटा फर्क नहीं पड़ता ऐसी धमकियों से। वहीं भिवानी के युवाओं ने राष्ट्रपति के नाम अपने खून से पत्र लिख कर शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
संसद के मकर द्वार पर Rahul Gandhi के सामने जब BJP के सांसदों ने नारेबाजी की तो priyanka gandhi व अन्य सांसदो ने वहीं रुक कर उन सबको घेर कर छात्रों के हक में नारे लगाए, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देने की मांग की।
*INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं।*
राहुल गांधी- हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
राहुल ने यह भी लिखा है कि हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं। जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कनॉट प्लेस के आसपास सभी दुकानें बंद करा दिए गए हैं। जम्मू कश्मीर और पश्चिम बंगाल से 20 हजार से ज्यादा सशस्त्र बलों को बुलाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने छात्रों के समर्थन में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी।
12 साल से कोई वर्ग किसी मुद्दे पर विरोध करे तो उसे देशद्रोही बता दो, केस लगा दो, जेल में ठूंस दो। इतना डरा दिया था कि अब लोगों ने डरना बंद कर दिया है।
केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक, तीन महीने की अवधि के लिए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत लोगों को हिरासत में लेने की शक्तियां इस्तेमाल करने का अधिकार दिया है।
बिहार में भी छात्र एकता हो गई है। छात्र राजभवन की ओर बढ़ रहे हैं। जो सर्वाधिक दिलचस्प बात है वो यह है कि छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन में एबीवीपी भी शामिल है।पटना से एबीवीपी के पदाधिकारी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो मोदी जी को पहले ही ले लेना चाहिए था।
कांग्रेस नेता सुप्रिया का बड़ा बयान
नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में ज़मीन आसमान का अंतर है, राहुल जी के साथ पुलिस ने बदसलूकी की, उनके नाक और मुँह से खून निकला, जब इसपर पूछा गया तो बोले “मुद्दा यह नहीं है - जो छात्रों के साथ हुआ वो है”, अगर इसका 0.00001% भी मोदी के साथ हुआ होता तो सोचिए वह रो रो कर क्या कह रहे होते!
दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को देखते हुए DMRC के मेट्रो बंद के फैसले का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया गया। वकीलों ने CJI के आगे मुद्दे उठाया, जिसपर CJI ने कहा कि वो लंच तक इंतजार करेंगे, अगर तब तक मेट्रो नहीं चलती है, तो फिर कोर्ट इस मामले में दखल देगा।
सोशल मीडिया पर दो ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी महिलाओं से बदसलूकी और यौन दुर्व्यवहार करते दिख रहे हैं।
*नई दिल्ली: दिल्ली मॉर्निंग ब्रीफ जंतर-मंतर पर हिंसक हुआ प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस के ADCP संदीप लांबा हाई कोर्ट में बुरी तरह घिरे*
*23 जुलाई गुरुवार 2026-27*
*नई दिल्ली:* दिल्ली मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ आज की खबरों में जंतर-मंतर पर हिंसक हुआ प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस के ADCP संदीप लांबा हाई कोर्ट में बुरी तरह घिरे, CM रेखा गुप्ता ने स्वामित्व योजना प्रगति पर की समीक्षा, दिल्ली में सुरक्षा के चलते 16 मेट्रो स्टेशन बंद प्रमुख रहा।
जंतर-मंतर पर हिंसक हुआ प्रदर्शन:
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच माहौल एक बार फिर गरमा गया है. NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पत्थरबाजी हुई है. पुलिस के मुताबिक RAF और पुलिस की टीम तय जगह पर रोजाना की तरह तैनात थी तभी अचानक पथराव होने लगा. संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने ‘ब्लैक वेडनेसडे’ मनाते हुए छात्रों के समर्थन में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया.
नई दिल्ली पुलिस को आलोचना का सामना करना पड़ा
दिल्ली पुलिस के ADCP संदीप लांबा को उस वीडियो के सामने आने के बाद आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. जिसमें उन्हें एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है. संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया.
दिल्ली में सुरक्षा के चलते 16 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बुधवार को एक बार फिर कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकासी पर रोक लगाई गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत कुल 16 मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी। DMRC ने बताया कि यह कदम सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर एहतियात के तौर पर उठाया गया है। जिन स्टेशनों पर प्रतिबंध लागू है, वहां यात्री प्रवेश या बाहर नहीं निकल सकेंगे। जिन स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध है, वहां परिचालन संबंधित व्यवस्था DMRC के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के आगे मोदी सरकार झुकी
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन के आगे मोदी सरकार झुक गई है। सरकार कॉकरोच जनता पार्टी से बातचीत के लिए तैयार हो गई है। यहां तक कि सरकार सीजेपी के मुताबिक बातचीत के लिए तैयार हो गई है। दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) ने सोनम वांगचुक से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। इसके बाद नड्डा ने कहा कि CJP के लोग जब भी चाहेंगे, सरकार बातचीत के लिए तैयार है।
अभिजीत दीपके की सोनम वांगचुक से भावुक अपील
अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने अपना आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और इसकी जिम्मेदारी पार्टी के कार्यकर्ता निभाएंगे। अभिजीत दीपके ने कहा कि आज सोनम वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है और लगातार इतने दिनों तक भोजन नहीं करने के कारण उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सीजेपी प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसलाः
दिल्ली सीजेपी प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई हुई। याचिका में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर FIR की मांग की गई है। जबकि केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में CJP के विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण नहीं माना और प्रदर्शन में हिंसा के आरोप लगाए। केंद्र सरकार ने याचिका को सिर्फ पब्लिक स्टंट करार दिया है।
दिल्ली प्रदर्शन पर बड़ा एक्शन:
दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन ने अब व्यापक रूप ले लिया है। इसी क्रम में 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली के 5 अलग-अलग थानों में अब तक 10 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में कथित हिंसा, कानून-व्यवस्था भंग करने और अन्य आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।







