भारतीय किसान यूनियन ने अनाज मंडी में खरीद में धांधली को लेकर नारेबाजी
नारनौंद (हरियाणा न्यूज़) : नारनौंद क्षेत्र की तीनों अनाज मंडियो में धान और बाजरा की फसल की खरीद शुरू हो गई हैं लेकिन खरीद में हो रही धाँधली को लेकर भारतीय किसान यूनियन और किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की सरकार को अल्टीमेट दिया कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी की गई तो मंडी पर ताला जड़ दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़, हर्षदीप गिल, बलवान लोहान, दशरथ मलिक, जगबीर माजरा, रोहतास डाटा, करण देपल, वीरेंद्र खोखर आदि ने बताया कि अनाज मंडी में किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। किसान की गैर मौजूदगी में आढ़ती उसकी फसल मिलर को बेच देते हैं। वही फसल में नमी ज्यादा दिखाकर उनके साथ धांधली का खेल खेल रहे हैं। सरकार तुरंत प्रभाव से इसमें दखल देकर इस खेल को रोकने का काम करें कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि फसल जिस रेट बेची जा रही है। उन्हें वही रेट मिलना चाहिए। बीच में कुछ लोग सरकार द्वारा तय किए गए रेट से कम पैसे देने की बात भी कह रहे हैं। हमारे खाते में जितने भी पैसे आएंगे वह उनमें से एक भी पैसा वापस देने का काम नहीं करेंगे।
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मार्केट कमेटी के सचिव रवि श्योरान ने बताया कि नारनौंद, लोहारी राघो और खेड़ी जालब में सुचारू रूप से धान की फसल की खरीददारी चल रही है। किसी भी किसान को अनाज मंडी में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अगर किसानों के साथ कोई भी धोखा करने का काम किया करेगा तो उसे पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मार्केट कमेटी के चेयरमैन मास्टर उदय सिंह लोहान ने बताया कि अनाज मंडी में किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है खरीद भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है अगर किसी भी किसान को मंडी में कोई परेशानी है तो वह कार्यालय में आकर शिकायत कर सकता है। कुछ आढ़ती बारदाने को लेकर शिकायत कर रहे थे मंडी में भरपूर मात्रा में बारदाना पहुंच चुका है।
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मार्केट कमेटी के चेयरमैन उदय सिंह लोहान ने बताया कि नारनौंद की अनाज मंडी में लगभग 50 हजार क्विंटल धान की फसल पहुंच चुकी है। लोहारी राघो में 12 हजार और खेड़ी लोहचब में 15 हजार किविंटल धान की फसल पहुंच चुकी है। अलग-अलग एजेंसी द्वारा 17 हजार क्विंटल धान की फसल की खरीद की जा चुकी है जबकि व्यापारियों द्वारा 3500 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। सरकार बाजरे के लिए 600 रूपए प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई के रूप में किसान के खाते में सीधे जमा करवाए जाएंगे।











