MSP से कम दाम पर फसल खरीद का विरोध, बरवाला मार्केट कमेटी कार्यालय पर तालाबंदी
Hisar Kisan Andolan : बरवाला। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने फसल खरीद में कथित लूट, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर फसल बिकने और खरीद प्रक्रिया में किसान विरोधी शर्तों के खिलाफ बरवाला मार्केट कमेटी कार्यालय पर तीन घंटे तक तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना देकर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी अपनी गलती स्वीकार नहीं करते, तब तक तालाबंदी और धरना जारी रहेगा।
धरने की संयुक्त अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता मास्टर धूपसिंह भ्याण और कृष्ण कुमार ढाड ने की, जबकि सरदानन्द राजली और सूरजभान ढाड ने मंच का संचालन किया।
MSP से कम दाम पर फसल बिकने पर जताया रोष
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संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि मंडियों में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान और बाजरे की खरीद में तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम मिलने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान नेताओं ने धान और बाजरे की खरीद पर प्रति एकड़ निर्धारित सीमा, जिलावार शर्तों, पोर्टल से जुड़ी समस्याओं और अवैध कटौती का विरोध किया। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में लगाई गई इन शर्तों से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धान और बाजरे के भाव को लेकर सरकार पर निशाना
किसान नेताओं ने दावा किया कि मंडियों में धान और बाजरे की फसल क्रमशः 2461 रुपये और 2900 रुपये प्रति क्विंटल के घोषित MSP से कम कीमत पर बिक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने के लिए जिम्मेदार कौन है।
नेताओं ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य मिलना चाहिए और खरीद प्रक्रिया में किसानों को परेशान करने वाली शर्तों को हटाया जाना चाहिए।
17 अक्टूबर को पूरे हरियाणा में पुतला दहन का ऐलान

संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने घोषणा की कि आगामी 17 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री के पुतले दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। किसान संगठनों ने अपील की कि जिन किसानों की फसल MSP से कम कीमत पर बिक रही है, वे सामने आकर अपनी आवाज उठाएं और विरोध दर्ज करवाएं।
किसान संगठनों ने कहा कि सरकार की नीतियों और मंडियों में फसल खरीद से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
ये किसान नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान रणवीर मिलकपुर, सितेंद्र कोथ, अनिल बैंदा, धर्मपाल बडाला, राजीव मलिक, कृष्ण पुनिया, ईश्वर वर्मा, कर्मबीर जलंधरा, नरेश भ्याण, धोला जेवरा, सोनू बोबुवा, विरेंद्र नैन, फूल कुमार भ्याण, एडवोकेट राजेश श्योकंद, विरेंद्र बरवाला, बिंद्र बूरा राजली, रामफल नंबरदार और बलजीत सिहाग सहित अनेक किसान मौजूद रहे।













