धान की खरीद सीमा के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मंडी सचिव कार्यालय पर जड़ा ताला
सोनीपत में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना, सभी फसलों की पूरी उपज MSP पर खरीदने सहित उठाईं चार मांगें
हरियाणा न्यूज (सुनील कोहाड़)। सोनीपत की अनाज मंडी में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने धान की खरीद सीमा सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी सचिव कार्यालय के गेट पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया और कार्यालय के गेट पर ताला जड़कर अपना रोष जताया। धरने की अध्यक्षता नफे सिंह मलिक ने की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि सभी फसलों की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
धान की खरीद सीमा से किसानों में नाराजगी
धरने को संबोधित करते हुए ब्रह्मा सिंह दहिया ने कहा कि पहले बाजरा और सरसों की खरीद के लिए 8 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा निर्धारित की गई थी। अब मोटे धान की खरीद पर भी सीमा लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि खरीद की सीमा तय होने से किसानों को अपनी पूरी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है। किसानों ने मांग की कि सरकार खरीद संबंधी पाबंदियों को दूर कर पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित करे।
24 फसलों की MSP पर खरीद के दावे पर उठाए सवाल
किसान नेता राजकुमार राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने का दावा करते हैं, लेकिन खरीद सीमा और पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक परेशानियों से बचाया जाना चाहिए।
किसानों ने उठाईं चार प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं।
- सभी फसलों की पूरी उपज MSP पर खरीदी जाए।
- सभी राइस मिलों का पंजीकरण जल्द पूरा किया जाए।
- स्थानीय मिलरों के तैयार नहीं होने पर दूसरे जिलों के मिलरों को खरीद की अनुमति दी जाए।
- किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ किया जाए।
किसानों ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि मंडियों में फसल बेचने के दौरान उन्हें परेशानी न हो।
ये किसान रहे मौजूद
धरने में ईश्वर राठी, आजाद सिंह, सुरेंद्र, प्रीतम सिंह, भगत सिंह, रणधीर सिंह हुड्डा और कामरेड सेवानंद सहित संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग की।













