हरियाणा बिजली कर्मचारी हड़ताल की मुख्य वजह क्या है
हरियाणा न्यूज | हरियाणा बिजली रेगुलेटरी कमीशन (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को देने के फैसले के विरोध में बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी 22 से 24 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के दौरान जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए निगम ने तैयारियां की हैं। सभी 76 पावर हाउसों पर एक-एक जेई तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम में एसडीओ की ड्यूटी रहेगी। बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए 9354726402, 7419711851 और 7419806062 नंबर जारी किए गए हैं।
haryana electricity employees strike reasons : गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली कंपनी का विरोध
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारी निजीकरण के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को बिजली कर्मचारी यूनियनों ने बैठक कर हड़ताल की तैयारियों की समीक्षा की। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान देवेंद्र दहिया, एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रधान सुमित कटारिया और यूनिट प्रधान सतीश चहल ने कहा कि सरकार का फैसला कर्मचारी और उपभोक्ता विरोधी है। निजी कंपनी के हाथों में व्यवस्था जाने से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन की हड़ताल के बाद भी फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेंटेनेंस का काम करने वाली निजी एजेंसी को भी सभी कर्मचारियों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फाल्ट आने पर जल्द मरम्मत हो सके।
एसई की अपील पर नहीं माने यूनियन नेता
बुधवार को निगम के सोनीपत सर्कल के एसई मनिंदर काद्यान ने कर्मचारी नेताओं के साथ मीटिंग की और हड़ताल पर नहीं जाने की अपील की, लेकिन कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं हुए और गुरुवार को हड़ताल पर जाने की बात दोहराई। यूनियन नेताओं ने कहा कि यह उनके अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अधिकारी और कर्मचारी एकजुट है।
हड़ताल के दौरान निर्बाध आपूर्ति को लेकर व्यवस्था की गई है। जिले के सभी 76 पावर हाउसों पर एक-एक जेई की नियुक्ति की गई है। कंट्रोल रूम में भी एसडीओ को लगाया गया है। ताकि कंट्रोल में कोई भी शिकायत आए तो तुरंत उसे दूर कराया जा सके। प्रयास रहेगा कि किसी उपभोक्ता को परेशानी नहीं आए। -मनिंदर सिंह काद्यान, एसई, सोनीपत सर्कल।








