दनौदा खुर्द गांव के किसान पर 10 हजार रुपये का जुर्माना
Jind News Today: जींद जिले में प्रशासन की सख्त पाबंदियों और जागरूकता अभियानों के बावजूद धान के अवशेष पराली जलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। नरवाना सदर थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में पराली जलाने पर कृषि विभाग और पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने दनौदा खुर्द गांव के किसान प्रदीप पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर कृषि रिकॉर्ड में रेड एंट्री कर दी है। वहीं, कलौदा खुर्द गांव के किसान सतीश पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दोनों मामलों में ग्राम स्तरीय संयुक्त टीम की रिपोर्ट पर नरवाना सदर थाना पुलिस ने बीएनएस और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नरवाना में पराली जलाने पर केस
जीपीएस लोकेशन से पकड़े गए मामले पहला मामला : कृषि विभाग को 24 अक्टूबर को जीपीएस लोकेशन और शिकायत मिली। पटवारी रवि कुमार, ग्राम सचिव विनोद कुमार और कृषि सुपरवाइजर मनोज कुमार की टीम ने मौके पर मुआयना किया। वहां किसान सतीश द्वारा करीब 12 कनाल 4 मरला जमीन पर पराली जलाई पाई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 (ए), 280 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया है।
दूसरा मामला (दनौदा खुर्द): 24 अक्टूबर की शाम मिली जीपीएस
लोकेशन के आधार पर पटवारी संजीत कुमार, ग्राम सचिव रामदिया और कृषि सुपरवाइजर मनोज कुमार की टीम ने निरीक्षण किया। किसान प्रदीप द्वारा करीब 16 कनाल 4 मरला जमीन में पराली जलाई गई थी। इस मामले में भी 27 अक्टूबर को संबंधित धाराओं के तहत पुलिस केस दर्ज किया गया।
सख्त कार्रवाई जारी रहेगी: उपनिदेशक
जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत फसल अवशेष और पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखदेव कम्बोज ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन कर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।










