हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव छान-बनभौरी में रोहतक पुलिस के डीआईजी मनबीर सिंह पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने दोनों गांवों में ग्रामीणों को नशे से दूर रहने सहित अनेक सामाजिक बुराइयों के प्रति भी जागरूक किया। छान गांव के ग्रामीणों ने उन्हें गौशाला का स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया।
रोहतक रेंज के डीआईजी मंगलवार को बनभौरी गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। उसके बाद वह अपने पैतृक गांव छान पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। छान गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों के साथ-साथ ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और समाज में फैली अनेक सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने आह्वान किया कि युवा नशे से दूर रहकर पढ़ाई और खेलों में ध्यान दें तथा अपने करियर को उज्ज्वल बनाएं, ताकि उनके गांव व जिले के नाम के साथ-साथ उनके माता-पिता का नाम भी रोशन हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने गांव व आसपास के एरिया में अगर कोई भी आपराधिक गतिविधियां नजर आएं, तो तुरंत ही स्थानीय पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते अपराध होने से बचाव किया जा सके।
रोहतक के डीआईजी मनबीर सिंह ने कहा कि उनके पिता का जन्म इसी मिट्टी में हुआ था और वह विधायक बनने के बाद भी गांव से जुड़े रहे थे। वह और उनका परिवार भी गांव से जुड़ा हुआ है और समय-समय पर गांव में आता रहता है। गांव की मिट्टी की सुगंध सब सुखों से अलग होती है और जो अपनापन अपने पैतृक गांव में आने पर महसूस होता है, वह कहीं और नसीब नहीं होता—चाहे कोई कितनी भी बड़ी पोस्ट पर विराजमान हो जाए।

इस दौरान ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने भी उनके सामने नशे से दूर रहने और गांव से सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म कर गांव को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रामअवतार श्योकंद ने उन्हें पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं भीम सिंह ने बाबा जीतगर गौशाला छान के स्मृति-चिह्न के रूप में गौमाता की तस्वीर भेंट कर उनका मान-सम्मान किया।
इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य ओमप्रकाश डाबला, सरपंच हरपाल, पूर्व चेयरमैन कर्णसिंह, चंद्र सिंह, मास्टर कृष्ण श्योकंद, राममेहर शर्मा, सुखदेव, भीम सिंह, जसमत फौजी इत्यादि गणमान्य लोग उपस्थित थे।











