Barwala chhan flood water crisis
Barwala Chhan News : हिसार जिले के सैकड़ो गांव बाढ़ ( flood water crisis ) की चपेट में आए हुए हैं और पानी खेतों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। सैकड़ो गांव के ग्रामीण अपने-अपने घरों को छोड़कर पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं तो वहीं कुछ लोग अब भी बारिश के पानी से बचाव के लिए अपने घरों के बाहर मिट्टी के कट्टे लगाकर पानी को अंदर जाने से रोक रहे हैं। छान गांव के खेत भी पानी की चपेट में आ गए हैं और खेतों में ढाणियां बनाकर रहने वाले कई लोग बाढ़ के पानी के बीच में फंसे हुए हैं।
हिसार जिले के बरवाला उपमंडल के गांव छान में बारिश का पानी लबालब चारों तरफ भरा ( flood water crisis ) हुआ है। गांव के जल घर में बाढ़ का पानी भरने की वजह से गांव में पेयजल आपूर्ति भी चरमराई हुई है। खेत पानी से लबालब भरे हुए हैं और किसने की फसल पानी में खत्म नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। गांव के कर्मबीर पुत्र भागचंद सहित उसके परिवार के लोग खेतों में मकान बनाकर रह रहे हैं लेकिन चारों तरफ बारिश का पानी भरा होने के कारण उनके पूरा परिवार खेत में ही फंसकर रह गया है।

कर्मबीर ने बताया कि वो खेती बाड़ी का कार्य करते हैं और खेत में ही मकान बनाकर उसके सभी भाई रहते हैं। उनके परिवार के करीब चार-पांच मकान खेतों में बने हुए हैं और सभी में बारिश का पानी घुसा हुआ है उन्होंने अपनी को रोकने के लिए अपने घरों के चारों तरफ मिट्टी के कट्टे भरकर लगाए हुए हैं लेकिन उन्हें डर सता रहा है कि चारों तरफ पानी बड़ा होने के कारण कहीं उनके घर जमीन में ना धंस जाए।
पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे भी पिछले काफी दिनों से स्कूल जाने से वंचित रह गए हैं और उनका गांव से संपर्क भी पूरी तरह से flood water crisis के कारण टूट चुका है। अब उनके खाने के लिए घर में बच्चे अनाज के सिवाय कोई सब्जियां अन्य खाद्य सामग्री नहीं बची है। लेकिन पानी से बाहर निकलने में परिवार के सभी लोग डर रहे हैं कि कहीं पानी में डूब ना जाए। क्योंकि चारों तरफ उन्हें पानी ही पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है और जमीन ऊंची नीची होने की वजह से पानी में यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि कहां पर पानी की गहराई ज्यादा है और कहां पर कम है।
ग्रामीण संपूर्ण, चंद्र, कुलदीप, राजबीर, कृष्ण, राजेश, सुरेंद्र, मनोज, कुलबीर, सुभाष, बिरेंद्र, धर्मबीर, पवन, सुखदेव इत्यादि ने बताया कि गांव के चारों तरफ बारिश का पानी लबालब भरा हुआ है। गांव के तालाब और जल घर भी पानी भरने से ओवरफ्लो हो गए हैं। उनके सामने पशुओं के चारे से लेकर घर में प्रयोग होने वाले पानी तक का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में थोड़ी के लगे खूब सहित हरा चारा भी पानी में डूब गया है और उनके फैसले पानी में नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं। पिछले काफी दिनों से जल घर में पानी भरा होने की वजह से गांव में पानी की सप्लाई भी नहीं आ रही जिसकी वजह से ग्रामीणों को पानी के टैंकर बाहर से भर भर कर लानी पड़ रहे हैं। ( flood water crisis )
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के चारों तरफ पानी भरा होने की वजह से गांव में बीमारियां फैलने कब है भी सताने लगा है। साथी उनके छोटे बच्चे और बुजुर्ग व्यक्ति अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं लेकिन अभी तक पानी की निकासी का कोई ठोस प्रबंध नहीं हो पाया है। अगर कुछ दिन और यही हालात रहे तो उनके गांव के घर भी पानी में कंडम हो जाएंगे। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाते हुए अपील की है कि उनके गांव की फसल खराब है के लिए स्पेशल गिरदावरी करवा कर उचित मुआवजा दिया जाए और छान गांव के लिए भी क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल देना चाहिए ताकि किसान अपने-अपने खराबी की शिकायत दर्ज कर सकें।
इस संबंध में गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरपाल सुकन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि बारिश की वजह से गांव में डीजल भराव हो गया था। बारिश का पानी गांव के साथ-साथ स्कूल तालाब और जल घर में भी भर गया था। बारिश थमते ही पानी निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं और स्कूल का पानी निकाल दिया गया है। गांव में पेयजल संकट पैदा ना हो इसके लिए अफजल घर का पानी निकालने की क्वायद शुरू की गई है। गांव के पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ मिलकर पास के गांव बंबोरी ट्रेन में पानी डालने के लिए ग्रामीण और प्रशासन से गुहार लगाने के लिए जा रहा है ताकि पानी को भी निकाला जा सके। गांव के जो लोग खेतों में मकान बना कर रह रहे हैं या जिनके मकान कंडम हो गए हैं उन्हें गांव के स्कूल या चौपाल में रहने के लिए कहा गया है लेकिन कुछ लोगों ने अपने मकान छोड़ने से मना कर दिया।
Discover more from Abtak Haryana News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

