Farmers are upset due to non-purchase of mustard in the grain market of Narnaund and Kheri Chaupata, warned of blocking the road if the problem is not resolved.
हरियाणा न्यूज टूडे / सुनील कोहाड़।
नारनौंद : नारनौंद व खेड़ी चौपटा की अनाज मंडी में जहा एक तफर सरसों की आवक तेज होती जा रही है, वहीं किसानों को अपनी फसल बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी सरसों की फसल को लेकर पिछले कुछ दिनों से नारनौंद की अनाज मंडी में बैठे हुए हैं लेकिन उनकी सरसों खरीदी नहीं जा रही है। जिसको लेकर किसानों ने नारनौंद की अनाज मंडी में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी है कि अगर अगले दो दिनों में उनकी सरसों नहीं खरीदी गई तो जींद हांसी रोड को जाम कर देंगे।
किसान रामकेश शर्मा, राजेंद्र पेटवाड़, सतीश कुमार, रणबीर सिंह, रामकेश माजरा, सुरेश राजथल, सिद्धार्थ माजरा, शमशेर, बीर सिंह, उदयबीर, फूल शर्मा, जाती राम, महेंद्र सिंह, बीरभान, शंकर, महिपाल व देवेंद्र इत्यादि ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अपनी सरसों की फसल को लेकर नारनौंद की अनाज मंडी में भूखेबीप्यासे बैठे हुए हैं। पहले तो अधिकारी उनकी सरसों की खरीद को लेकर बहाने बाजी करते रहे। कुछ ढेरियां सोमवार को खरीदी गई थी लेकिन उनको तोला नहीं जा रहा। मार्केट कमेटी के अधिकारियों की तरफ से यह बताया जा रहा है कि पहले उनके पास एक कट्टे में 45 किलोग्राम सरसों की खरीद के लिए आदेश थे।
लेकिन सोमवार को उन्हे 50 किलोग्राम कट्टे में खरीद के आदेश आ गए हैं। अब उनके पास 45 किलोग्राम का बारदाना उपलब्ध है लेकिन किन 50 किलोग्राम का बारदाना उनके पास उपलब्ध नहीं है। बारदाना मिलने के बाद ही सरसों की तुलाई की जाएगी। वहीं किसानों ने कहा कि अधिकारी जान भुज कर किसानों को परेशान करने का काम कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी उनकी फसलों में कभी नमी की मात्रा अधिक तो कभी उनकी फसलों में सफाई नहीं होने का बहाना बनाकर उनकी फसलों को रिजेक्ट कर नहीं खरीद रहे हैं।
