किसानों की सुविधा प्राथमिकता: उपायुक्त महेंद्र पाल
Hisar News Today: खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत जिले की विभिन्न मंडियों और खरीद केंद्रों पर फसलों की पारदर्शी एवं सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित राजस्व एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद उपायुक्त (Hisar DC) महेंद्र पाल ने जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों व संबंधित विभागों के अध्यक्षों के साथ बैठक की। उपायुक्त ने स्पष्ट हिदायत दी कि मंडियों में व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूर्ण किए जाएं।
9 प्रमुख खरीफ फसलों की होगी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद
प्रशासन द्वारा जिले की मंडियों में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन और तिल की खरीद को लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सरकार के नियमानुसार किसानों की प्रत्येक फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ही खरीदा जाना सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक में इन व्यवस्थाओं पर रहा मुख्य जोर
राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक और उसके उपरांत जिला प्रशासनिक बैठक में मंडियों की बुनियादी व्यवस्थाओं पर बिंदुवार चर्चा की गई:
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गेट पास व बायोमेट्रिक सत्यापन: मंडियों में फसलों के प्रवेश तथा निकासी पास को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया गया है। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के कोई भी खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी।
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नापतौल एवं तकनीकी उपकरण: सभी मंडियों में धर्मकांटा (वेइंग स्केल), नमी मापक यंत्र (Moisture Meter), पर्याप्त बारदाना (Jute Bags) तथा सिलाई मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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परिवहन व लिफ्टिंग (उठान): फसल खरीद के बाद मंडियों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन और लिफ्टिंग प्रक्रिया को दुरुस्त रखने को कहा गया है।
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उपग्रह प्रणाली से निगरानी: फसल सत्यापन और फर्जी आवक को रोकने के लिए सैटेलाइट मॉनिटरिंग सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है।
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मिलर पंजीकरण एवं भुगतान: राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन तय समयसीमा में पूरा करने और किसानों की उपज की खरीद के 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भुगतान हस्तांतरित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।












