-पुनर्वास की अनूठी पहल- होटल मैनेजमेंट का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला हरियाणा का 7वां जिला बना रेवाड़ी
हरियाणा जेल समाचार: हरियाणा की जेलों में बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल के तहत अब होटल मैनेजमेंट कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। यह कदम बंदियों को रिहाई के बाद रोजगार योग्य बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रेवाड़ी समाचार: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के दिशा-निर्देशों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रेवाड़ी द्वारा जिला जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास एवं कौशल विकास के लिए एक अनूठी पहल की गई है।
डीएलएसए सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि डीएलएसए रेवाड़ी, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर और जिला जेल रेवाड़ी के संयुक्त प्रयासों से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ। इसके तहत जेल के अंदर बंद कैदियों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट का 1 माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।
डॉ. सोलखे ने बताया कि इस कोर्स में कैदियों को कुकिंग, सर्विंग, रेस्टोरेंट ऑपरेशन, पर्सनालिटी डेवलपमेंट के साथ-साथ कम लागत में ढाबा, रेस्टोरेंट व कैटरिंग का व्यवसाय शुरू करने की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर आईजीयू कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे, जेल अधीक्षक रेशम सिंह, आईजीयू होटल मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा, डॉ. नवनीत कौशल, डॉ. विक्रांत एवं डॉ. पवन उपस्थित रहे।
प्रमुख तथ्य
– प्रथम बैच- 34 कैदी
– प्रशिक्षण अवधि- 1 माह का सर्टिफिकेट प्रोग्राम
– एमओयू अवधि- 3 वर्ष
– मुख्य सहयोगी- इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, डीएलएसए रेवाड़ी, जिला जेल रेवाड़ी।
पीएनबी के साथ भी एमओयू
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से कैदियों को सिलाई, हेयर कटिंग, डेयरी फार्मिंग एवं मशरूम कल्टीवेशन का प्रशिक्षण भी 1-2 दिन में शुरू किया जाएगा। यह 3 वर्षीय अनुबंध है। हर महीने इंटरेक्शन व फीडबैक के आधार पर नए बैच जोड़े जाएंगे।

