Khedar Library विवाद: सरपंच प्रतिनिधि समेत ग्रामीणों पर केस, गांव में धारा 163 लागू
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बरवाला/खेदड़। हिसार जिले के गांव खेदड़ में लाइब्रेरी को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। लाइब्रेरी परिसर में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान पुलिस के साथ कथित तौर पर हुई धक्का-मुक्की और जबरन अंदर प्रवेश के मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच प्रतिनिधि शेरू सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
सुरक्षा ड्यूटी के दौरान जुटी भीड़

पुलिस चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर हनुमान सिंह की शिकायत के अनुसार, वह पुलिस टीम के साथ खेदड़ स्थित विवादित लाइब्रेरी के मुख्य गेट पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। इसी दौरान सरपंच प्रतिनिधि शेरू कथित तौर पर काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ लाइब्रेरी के पास पहुंचे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों के हाथों में लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर थे। लोगों ने लाइब्रेरी के भीतर जाने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने और स्थिति को शांत बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि समझाने के बावजूद कुछ लोग नहीं माने।
दीवार लांघकर अंदर जाने का आरोप
पुलिस शिकायत के मुताबिक, रोकने के बावजूद आरोपी कथित तौर पर लाइब्रेरी की दीवार लांघकर परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इस दौरान लाइब्रेरी की दीवार पर लगा एक पत्थर भी क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप है।
घटना के बाद पुलिस ने ड्यूटी में बाधा डालने, तोड़फोड़ और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
कई महीनों से चल रहा लाइब्रेरी को लेकर विवाद
खेदड़ में लाइब्रेरी को लेकर विवाद नया नहीं है। गांव में लाइब्रेरी के निर्माण के बाद से ही इसके नामकरण, संचालन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर दो पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। समय के साथ यह विवाद बढ़ता गया और अब मामला पुलिस-प्रशासन तक पहुंच गया है।
स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
गांव में धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिसार के जिलाधीश महेंद्र पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य गांव में भीड़ जुटने और विवाद को आगे बढ़ने से रोकना है।
फिलहाल पुलिस बल गांव में तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है। लाइब्रेरी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









