बरवाला के संदलाना में मकान की छत गिरी
बरवाला। हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव संदलाना में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। छत गिरने के समय घर के अंदर तीन लोग बैठे हुए थे, जो मलबे के नीचे दब गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर काफी मशक्कत के बाद तीनों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए बरवाला के निजी अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने 55 वर्षीय बल्लू को मृत घोषित कर दिया। हादसे में उसकी पत्नी नारो और रोहतास की माता कृष्णा गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घर में बैठे थे तीन लोग, अचानक भरभरा गई छत

ग्रामीणों के अनुसार शनिवार दोपहर बल्लू, उसकी पत्नी नारो और रोहतास की माता कृष्णा मकान के अंदर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक मकान की छत कमजोर होकर नीचे आ गिरी। छत के साथ मलबा भी नीचे आ गया और तीनों इसकी चपेट में आकर दब गए।
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। किसी तरह मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। ग्रामीणों की मदद से तीनों को बाहर निकालने के बाद तुरंत बरवाला के निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने बल्लू को मृत घोषित किया
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने बल्लू की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं नारो और कृष्णा का उपचार जारी है। दोनों महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
संदलाना में घटना के बाद पसरा मातम

ग्रामीणों ने बताया कि जिस मकान में हादसा हुआ, वह काफी समय से जर्जर हालत में था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है। मकान की छत पहले से ही कमजोर थी और शनिवार को अचानक उसके गिरने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में शोक का माहौल है। हादसे के बाद ग्रामीणों में जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पुराने और कमजोर मकानों की स्थिति पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को टाला जा सके।
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