Old Age Pension Haryana CM Nayab Saini statement
बुढ़ापा पेंशन काटने को लेकर ( Old Age Pension Yojana ) मुख्यमंत्री का बड़ा बयान सामने आया है। बुजुर्गों की पेंशन काटने को लेकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस नेता चुप्पी साधे हुए हैं वहीं इनेलो नेता लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है। वहीं बुजुर्ग भी हैरान है कि नेता कई कई पेंशनों का लाभ ले रहे हैं और बुजुर्ग ताऊ देवीलाल द्वारा शुरू की गई बुजुर्ग समान पेंशन से वंचित हो रहे हैं।
भाजपा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन पर चलाई आरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूसरे कार्यकाल का दूसरा साल शुरू हो गया है और सरकार ने बुजुर्गों के पेंशन पर अपने आरी चलाई हुई है। धड़ाधड़ बुजुर्गों की Old Age Pension काटी जा रही है और हरियाणा विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में 90 विधानसभा सीटों में से मात्र दो सीटों पर जीत हासिल करने वाली इनेलो पार्टी के नेता भाजपा सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।
बुजुर्गों की धड़ाधड़ पेंशन काटे जाने से बुजुर्गों में गुस्सा
स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल ने बुजुर्गों के सम्मान में₹100 से बुढ़ापा पेंशन की शुरुआत की थी। जो अब तक बढ़कर 3200 रुपए हो चुकी है। फैमिली आईडी में खेती की इनकम जुड़ने से सरकार द्वारा बुजुर्गों की Old Age Pension धड़ाधड़ काटे जाने से बुजुर्गों में सरकार के प्रति गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसी मुद्दे को बनाने में इनेलो नेता जुटे हुए हैं और प्रदेश में फिर से अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास कर पार्टी को मजबूती दे रहे हैं।
बुढ़ापा पेंशन हरियाणा में सियासत गर्मा चुकी है। कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर इनेलो नेता भाजपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस को भी आड़े हाथों ले रहे हैं। वहीं बुढ़ापा पेंशन न मिलने से नाराज बुजुर्ग लगातार मुख्यमंत्री सहित प्रशासन से अपनी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं और मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों की शिकायतों पर संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। मंगलवार को पहली बार मुख्यमंत्री ने बुढ़ापा पेंशन को लेकर बड़ा बयान दिया है।
प्रदेश सरकार बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी की पेंशन नहीं काटी गई है, बल्कि नियमों के तहत सत्यापन के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। हरियाणा में बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और वृद्धावस्था पेंशन सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने पिछले 11 वर्षों में वृद्धावस्था पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक कर दिया है, जो देश में सबसे अधिक है। पात्रता के सत्यापन के दौरान जिन मामलों में मृत्यु, आयु या आय संबंधी तथ्य सामने आए, उनमें पेंशन रोकी गई है और सही प्रमाण देने पर इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।