Cultural exhibition showcasing heritage attraction at Rakhigarhi Festival
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Rakhigarhi Festival – हरियाणा सरकार के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से पुरातात्विक स्थल हिसार की राखीगढ़ी में 26 से 28 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव में लगाई गई प्रदर्शनिया वैसे तो सब एक से एक खास है लेकिन कुछ प्रदर्शनियां ऐसी भी हैं जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनीरही।

विरासत की प्रदर्शनी बनी राखीगढ़ी महोत्सव में आकर्षण का केन्द्र
इस प्रदर्शनी में जहां एक ओर लोक पारम्परिक विषय-वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर दूसरी ओर हरियाणवी लोक जीवन में प्रयोग की जाने वाली सैंकड़ों वर्ष पुरानी विषय-वस्तु पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। विरासत दि हेरिटेज विलेज के संयोजक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से आयोजित इस महोत्सव में आने वाले पर्यटक हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शनी के माध्यम से साक्षात् रूप में दर्शन कर रहे हैं। विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र बन गई है।

यहां पर विरासत दि हेरिटेज विलेज कुरुक्षेत्र द्वारा डेढ़ सौ साल पुरानी ढेंकली, कपड़े रखने के लिए पिटार, चरखे, सौ साल पुरानी पालकी, न्यौल, बैलों की घंटियां, बीजणे, इंडी, रेज्जा, घाघरा, पुराने ताले, रई, डींगे, जूऐ, कूंए में प्रयोग किए जाने वाले कांटे एवं बिलोई, पुराने छापे, सौ साल पुराने बर्तन, हुक्के, पुराने बाट, ऊँट की कूची की प्रदर्शनी लगाई गई है। विरासत का उद्देश्य हरियाणा की लुप्त होती लोक सांस्कृतिक परम्परा से आधुनिक युवा पीढ़ी को जोडऩा है। तीन दिन तक चलने वाली राखीगढ़ी महोत्सव में विरासत प्रदर्शनी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी।
राखी गढ़ी हड़प्पा सभ्यता के फोटो













