हरियाणा के सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी
Narnaund News : सरकार लगातार दावें कर रही है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में सुधार कर रही है लेकिन हकीकत में देखा जाए तो सरकारी स्कूल राम भरोसे ही चल रहे हैं। गांव माजरा के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में अध्यापकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही हैं। ग्रामीण उच्च अधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन आज तक भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शनिवार तक स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई तो सोमवार को स्कूल पर ताला जड़ दिया जाएगा।
ग्रामीण सीताराम, सुनील रेढू, शीलू सांगवान, रमेश, लोकेश, कुलदीप आदि ने बताया कि गांव माजरा में राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में करीब 117 छात्र पढ़ते हैं। स्कूल में सिर्फ तीन अध्यापक ही कार्यरत हैं। जिनमें से एक अध्यापक की ड्यूटी एस आई आर में लगी हुई ओर एक अध्यापक मिड डे मिल के कार्य में ही ज्यादातर व्यस्त रहते हैं ऐसे में सिर्फ एक अध्यापक पर ही सभी कक्षाओं की सम्भालने की जिम्मेवारी रहती हैं।

स्कूल में पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही हैं। छात्र स्कूल में टाइम पास करने के लिए ही कक्षा में बैठने को मजबूर हैं। ग्रामीण अध्यापकों की कमी को लेकर एसडीएम विकास यादव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक भी स्कूल में शिक्षक नहीं भेजे गए।
स्कूल पर ताला लगा कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि शनिवार तक अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई तो सोमवार को स्कूल पर ताला लगा कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी जोगिंदर सिंह मलिक ने बताया कि सोमवार को स्कूल में डेपुटेशन पर अतिरिक्त अध्यापक भेजने की व्यवस्था कर दी जाएगी। भविष्य में छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहेगी।
जिला पार्षद सुनील माजरा ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते पढ़ाई नहीं हो रही हैं। सभी अभिभावकों को चिंता सता रही हैं कि इस कंपटीशन के युग में उनके बच्चे अन्य बच्चों से पिछड़ जाएंगे। अगर शिक्षा विभाग स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा करता है तो वो भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए तैयार हैं।











