Hisar News: हाईटेंशन बिजली लाइनों के मुआवजे को लेकर हिसार में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हिसार। हरियाणा में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे हजारों किसानों ने हिसार स्थित HVPNL और DHBVN कार्यालय का घेराव कर दिया। किसानों ने गेट नंबर-4 पर करीब चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरने के दौरान किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक हाईटेंशन बिजली लाइनों का उचित मुआवजा किसानों के खातों में नहीं पहुंचता, तब तक प्रदेश में हाईटेंशन लाइन बिछाने का कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
एक सप्ताह में बैठक कराने का आश्वासन
धरने के दौरान HVPNL और DHBVN के अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर उच्च अधिकारियों के साथ किसानों की बैठक आयोजित कराई जाएगी, ताकि उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा हो सके।
हालांकि किसान नेताओं ने साफ कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा।
किसानों का आरोप: 29 अप्रैल 2026 का नोटिफिकेशन किसानों के खिलाफ
किसानों का कहना है कि 30 जनवरी 2026 को हरियाणा सरकार ने हाईटेंशन बिजली लाइनों के मुआवजे के लिए पारदर्शी नियम बनाए थे।
इन नियमों के अनुसार—
- बिजली के खंभों के नीचे आने वाली जमीन का 200 प्रतिशत मार्केट वैल्यू के आधार पर मुआवजा।
- तारों के नीचे आने वाली जमीन पर 30%, 45% और 60% तक मुआवजा देने का प्रावधान था।
लेकिन किसानों का आरोप है कि 29 अप्रैल 2026 को सरकार ने नया गजट नोटिफिकेशन जारी कर मार्केट वैल्यू तय करने के लिए लॉटरी व्यवस्था लागू कर दी, जिससे किसानों के वैल्यूएटर की रिपोर्ट का महत्व समाप्त हो जाएगा।
किसानों ने इसे अस्पष्ट और अपारदर्शी व्यवस्था बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
सरकार के सामने रखी गई प्रमुख मांगें
भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) ने ज्ञापन में सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
1. हाईटेंशन बिजली लाइनों का उचित मुआवजा
- 29 अप्रैल 2026 का गजट नोटिफिकेशन वापस लिया जाए।
- किसानों के वैल्यूएटर की रिपोर्ट को प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
- शहर की सीमा से 15 किलोमीटर तक के गांवों को शहरी क्षेत्र मानते हुए 60 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए।
2. लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएं
- सभी पेंडिंग कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन तुरंत जारी हों।
- बोर खराब होने पर अपने खेत में ट्यूबवेल शिफ्टिंग के नाम पर होने वाली अतिरिक्त वसूली बंद की जाए।
3. किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली मिले
- खरीफ सीजन में खेतों के लिए दिन में 10 घंटे नियमित बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- यदि फॉल्ट के कारण बिजली बाधित होती है तो बाद में उसकी भरपाई की जाए।
4. गांवों में बिजली व्यवस्था सुधारी जाए
- बिजली विभाग में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनाई जाए।
किसानों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन पूरे हरियाणा में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहले ही हाईटेंशन बिजली लाइनों के विरोध में धरने शुरू हो चुके हैं और सरकार को जल्द समाधान निकालना होगा।
कई वरिष्ठ किसान नेता हुए संगठन में शामिल
धरने के दौरान वरिष्ठ किसान नेता भूप सिंह लाम्बा, सुशील बूरे और वीरेंद्र पूनिया ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व और विचारों में विश्वास जताते हुए भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की सदस्यता ग्रहण की।
इन नेताओं की रही प्रमुख मौजूदगी
प्रदर्शन में प्रदेश संयोजक होशियार गिल, प्रदेश महासचिव हर्षदीप सिंह, हिसार जोन प्रधान दशरथ मलिक, हांसी जिला प्रधान जगबीर मलिक, हिसार जिला प्रधान सुशील बूरे, युवा प्रदेश अध्यक्ष जगबीर बेरवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान लोहान, शमशेर कुंडू, शेरा बेनीवाल, बेदी दहिया, जगतार सिंह, देवेंद्र गहलावत सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान नेता और हजारों किसान शामिल हुए।
धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता सूरजभान ढाया ने की जबकि संचालन प्रदेश सचिव राजू सहरावत ने किया।
क्या बोले किसान नेता?
किसान नेताओं का कहना है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों से किसानों की जमीन की उपयोगिता प्रभावित होती है, इसलिए उन्हें उचित और पारदर्शी मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
ये ताजा समाचार भी पढ़ें, पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे दी गई लाइन पर टच करें :-
हरियाणा कैबिनेट के 10 बड़े फैसले! क्या आपको भी मिलेगा फायदा?,
Haryana Land Record Online: हरियाणा में अब घर बैठे मिलेगी जमाबंदी और म्यूटेशन की कॉपी,
सीबीएसई क्लस्टर-16 कबड्डी प्रतियोगिता: नारनौंद की अंडर-17 टीम ने जीता गोल्ड, अंडर-14 ने कांस्य पदक,





