हिसार में 10 अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा का ‘जेल भरो आंदोलन को लेकर किसान-मजदूरों ने बनाई बड़ी रणनीति
हरियाणा न्यूज टूडे: हिसार। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने 10 अगस्त को हिसार में बड़े स्तर पर ‘जेल भरो आंदोलन’ आयोजित करने का ऐलान किया है। सोमवार को किसान रेस्ट हाउस, हिसार में आयोजित संयुक्त बैठक में आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा की गई और ब्लॉक व गांव स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गईं। बैठक की अध्यक्षता डॉ. करतार सिवाच और कॉमरेड सुरेश कुमार दुर्जनपुर ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे लघु सचिवालय, हिसार में किसान, मजदूर और विभिन्न जनसंगठन एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की विरासत का दिया हवाला
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस बार किसान-मजदूर “भाजपा भारत छोड़ो” के नारे के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। नेताओं ने कहा कि गिरफ्तारियों और दमन से आंदोलन कमजोर नहीं होगा और किसान-मजदूर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। ( Latest News Hisar Haryana )
भारत-अमेरिका FTA पर जताई चिंता
बैठक में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। नेताओं का कहना था कि यदि केंद्र सरकार इस समझौते पर हस्ताक्षर करती है तो इसे वापस कराने के लिए वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन की तर्ज पर देशव्यापी और लगातार आंदोलन चलाया जाएगा।
उनका दावा है कि यह समझौता छोटे किसानों, कृषि क्षेत्र, मजदूरों और घरेलू उद्योगों के हितों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50% फार्मूले पर कानूनी MSP गारंटी।
सभी फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करना।
किसानों के लिए व्यापक कर्ज माफी कानून लागू करना।
कृषि संकट का स्थायी समाधान।
किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम।
जेल भरो आंदोलन को लेकर गांव-गांव चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान
बैठक में यह भी तय किया गया कि 10 अगस्त के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान, मजदूर और आम नागरिक आंदोलन में शामिल हो सकें।
बैठक में शमशेर नम्बरदार, सरदानन्द राजली, राजीव मलिक, कृष्ण नैन, सितेंद्र कोथ, जसवीर सूरा, कपूर बगला, धर्मवीर लौहान, जोगेंद्र मायड़, अनिल बैंदा, रोहतास राजली, कुलदीप पुनिया, फूल कुमार, जोरा सिंह, ईश्वर वर्मा, सोमबीर भगाना, कॉमरेड मोहनलाल, हनुमान जोहर, सुरजमल डाढ़, रविन्द्र पुनिया, जोगिंद्र पुनिया सहित अनेक किसान एवं मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








