हांसी में फसल खराब देखकर खेत में बेसुध हुआ किसान, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
Hansi News: हांसी केगंगन खेड़ी गांव में शुक्रवार सुबह खेत पर गए 55 वर्षीय किसान की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह खेत में बेसुध हालत में मिले। परिजन और ग्रामीण उन्हें ट्रैक्टर से हांसी के सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान गंगन खेड़ी निवासी विजेंद्र (55) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक विजेंद्र पिछले कुछ समय से फसल खराब होने को लेकर परेशान चल रहे थे। हालांकि उनकी मौत किस वजह से हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चाचा के साथ खेत में पानी लगाने गए थे विजेंद्र
मृतक के बेटे बबलू के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे उसके पिता विजेंद्र और चाचा राजू खेत में पानी लगाने के लिए गए थे। खेत पर पहुंचने के बाद विजेंद्र ने राजू से कहा कि वह पीछे की तरफ खाल में पानी खोलकर आता है। राजू कुछ समय तक खेत में ही इंतजार करता रहा, लेकिन विजेंद्र वापस नहीं आए। इसके बाद वह उन्हें देखने के लिए दूसरी तरफ गया। वहां विजेंद्र खेत में बेसुध हालत में पड़े मिले। राजू ने तुरंत फोन कर बबलू को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद बबलू और अन्य परिजन खेत पहुंचे। इस दौरान आसपास के किसानों की मदद से विजेंद्र को ट्रैक्टर में लेकर हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अस्पताल में चिकित्सकों ने विजेंद्र की जांच की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
फसल खराब होने से परेशान थे किसान
बबलू ने बताया कि उसके पिता खेती को लेकर काफी चिंतित रहते थे। उनका कहना था कि पिछली बार भी फसल अच्छी नहीं हुई थी और इस बार खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। परिवार के मुताबिक विजेंद्र पिछले काफी समय से इसी परेशानी को लेकर मानसिक दबाव में थे। परिजनों का कहना है कि खेत में अपनी फसल की खराब हालत देखने के बाद विजेंद्र को गहरा सदमा लगा होगा और इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि, परिवार की इस आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी
परिजनों के अनुसार विजेंद्र के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा बबलू और एक बेटी है। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। बबलू हांसी में ट्रैक्टर मैकेनिक के पास काम करता है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसान की मौत की वास्तविक वजह क्या रही।










