इनसो ने हिसार जिलाध्यक्ष समेत तीन पदाधिकारियों को संगठन से किया निष्कासित
Hisar News: इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (INSO) ने संगठन में अनुशासनहीनता और कथित संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। इनसो ने हिसार जिलाध्यक्ष दीपक घणघस, पूर्व जिलाध्यक्ष अज्जू घणघस और प्रदेश सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हरिकेश ढांडा को उनके संगठनात्मक पदों के साथ-साथ प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। पत्र में तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता और अनुशासनहीनता का उल्लेख करते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
संगठन की छवि और एकजुटता प्रभावित होने का आरोप
जारी पत्र के अनुसार, तीनों पदाधिकारियों की गतिविधियों को संगठन के अनुशासन के विपरीत माना गया। इनसो नेतृत्व का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से संगठन की छवि, गरिमा और आंतरिक एकजुटता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसी आधार पर संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया गया।
हरिकेश ढांडा ने बताया—पहले ही दे चुका था इस्तीफा
कार्रवाई के बाद हरिकेश ढांडा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि छात्र मुद्दों को लेकर संगठन के पदाधिकारियों के साथ उनकी सहमति नहीं बन पा रही थी। इसी वजह से उन्होंने 10 सितंबर को सीनियर वाइस प्रेसीडेंट स्टेट इनसो के पद से इस्तीफा दे दिया था।
ढांडा के मुताबिक, उन्होंने संगठन में अपने पद से पहले ही त्यागपत्र दे दिया था और इसके बाद उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई।
दीपक घणघस बोले—बिना नोटिस के मिली कार्रवाई की जानकारी
हिसार जिलाध्यक्ष रहे दीपक घणघस ने कार्रवाई पर हैरानी जताई है। उनका कहना है कि संगठन की ओर से उन्हें कार्रवाई से पहले किसी तरह का नोटिस नहीं दिया गया।
दीपक घणघस के अनुसार, न तो उन्हें संगठन की तरफ से कोई कारण बताओ नोटिस मिला और न ही किसी पदाधिकारी ने इस संबंध में बैठक कर उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि अचानक निष्कासन का पत्र मिलने से वह हैरान हैं।
जिला चेयरमैन ने अनुशासनहीनता को बताया कार्रवाई का आधार
इनसो जिला चेयरमैन हरेंद्र बेनीवाल ने कहा कि दीपक घणघस, अज्जू घणघस और हरिकेश ढांडा के खिलाफ संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों को संगठन के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित किया गया है।
इनसो की इस कार्रवाई के बाद हिसार में छात्र संगठन की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, निष्कासित पदाधिकारियों के बयानों से यह भी संकेत मिल रहा है कि संगठन के भीतर छात्र मुद्दों और संगठनात्मक निर्णयों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी हुई थी।













