Haryana Meri Fasal Mera Byora
Hansi News: खरीफ सीजन की फसलों का सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराने से कई किसान वंचित रह गए हैं। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल 31 अगस्त को बंद होने के बाद किसानों ने इसे दोबारा खोलने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि समय पर फसल का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं होने से आगामी सरकारी खरीद के दौरान उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसानों के मुताबिक हांसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों ने धान, कपास, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की खेती की है। इनमें से कई किसान किसी कारणवश निर्धारित अवधि में अपनी फसल का पंजीकरण पोर्टल पर नहीं करवा पाए। अब पोर्टल बंद होने के कारण वे अपनी फसल का विवरण दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।
MSP का लाभ मिलने को लेकर किसानों की चिंता
किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद में फसल बेचने के लिए पंजीकरण महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते उनकी फसल पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई तो मंडियों में सरकारी खरीद के दौरान दिक्कत आ सकती है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने का लाभ मिलने में परेशानी होने की आशंका है।
किसानों ने कृषि विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि विशेष परिस्थिति को देखते हुए पोर्टल को कुछ समय के लिए फिर से खोला जाए। इससे ऐसे किसान अपनी फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे, जो अंतिम तिथि तक पंजीकरण नहीं करवा पाए।
हांसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुई धान और कपास की खेती
हांसी क्षेत्र में इस खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बड़े स्तर पर बिजाई हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हांसी क्षेत्र में लगभग 65,500 एकड़ में धान, करीब 32 हजार एकड़ में कपास और लगभग 6,500 एकड़ में बाजरा की फसल बोई गई है।
इसी तरह बास ब्लॉक में करीब 44,300 एकड़ में धान, 7,500 एकड़ में कपास और 1,500 एकड़ में बाजरे की खेती हुई है। वहीं नारनौंद क्षेत्र में लगभग 50 हजार एकड़ में धान की बिजाई बताई गई है।
इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में खरीफ सीजन के दौरान कितने बड़े पैमाने पर किसान धान, कपास और बाजरे की खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में पंजीकरण से छूटे किसानों के लिए पोर्टल दोबारा खुलना अहम माना जा रहा है।
कृषि विभाग ने सरकार को भेजा मांग पत्र
कृषि विभाग ने भी किसानों की मांग को लेकर सरकार और विभागीय मुख्यालय के समक्ष मामला रखा है। कृषि विभाग के एसडीओ रविंद्र कुमार ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल 31 अगस्त को बंद हो गया था।
उन्होंने कहा कि किसानों को दोबारा पंजीकरण का अवसर देने के लिए विभाग की ओर से सरकार और मुख्यालय को डिमांड पत्र भेजा गया है। विभाग को उम्मीद है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए पोर्टल जल्द दोबारा खोला जा सकता है।
किसानों से दस्तावेज तैयार रखने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे पोर्टल खुलने की स्थिति में किसी तरह की देरी से बचने के लिए आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। पोर्टल दोबारा शुरू होने पर किसान अपनी फसल का विवरण समय रहते दर्ज करा सकें, इसके लिए कागजात तैयार रखना उपयोगी रहेगा।
फिलहाल किसान सरकार की ओर से पोर्टल दोबारा खोलने के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पंजीकरण के लिए दोबारा मौका मिलने से बड़ी संख्या में ऐसे किसानों को राहत मिल सकती है, जो किसी कारणवश तय समय सीमा में अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज नहीं करा पाए।











