Who discovered Rakhigarhi:
देशभर के युवा कर सकेंगे Mock Excavation Rakhigarhi
Rakhigarhi Festival 2026: हरियाणा के राखीगढ़ी में 19 से 25 अक्टूबर तक आयोजित होगा महोत्सव, Mock Excavation के जरिए युवा जान सकेंगे हड़प्पा सभ्यता के रहस्य
सुनील कोहाड़, नारनौंद। हरियाणा के हिसार जिले में स्थित ऐतिहासिक राखीगढ़ी (Rakhigarhi) में इस बार युवाओं को कुछ अलग करने का मौका मिलेगा। राखीगढ़ी महोत्सव (Rakhigarhi Festival 2026) के दौरान मॉक एग्जीबिशन (Mock Excavation) का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत महोत्सव में आने वाले युवा और पर्यटक कृत्रिम टीले में खुदाई करके पुरातत्व विभाग के कामकाज को करीब से समझ सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए केवल पुरातत्व विषय की पढ़ाई करने वाले छात्रों तक ही सीमित रहने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आम लोग भी इस गतिविधि में भाग ले सकेंगे।
पुरातत्व विभाग की ओर से इसके लिए दो अलग-अलग स्थानों पर मॉक खुदाई की व्यवस्था की जा रही है। खुदाई में इस्तेमाल होने वाले औजार विभाग की तरफ से उपलब्ध करवाए जाएंगे। साथ ही, मौके पर तैनात प्रशिक्षक (Trainers) प्रतिभागियों को खुदाई की प्रक्रिया और पुरातात्विक खोजों से जुड़ी जानकारी देंगे।
19 से 25 अक्टूबर तक चलेगा राखीगढ़ी महोत्सव ( Rakhigarhi is famous for)
राखीगढ़ी महोत्सव का आयोजन इस बार 19 से 25 अक्टूबर तक लगातार सात दिनों के लिए किया जाएगा। पहले यह महोत्सव तीन दिन तक आयोजित होता था, लेकिन इसके ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इस बार अवधि बढ़ाकर सात दिन कर दी गई है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से अधिक से अधिक पर्यटकों को राखीगढ़ी तक आकर्षित करना और हड़प्पा सभ्यता की ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाना है।
Mock Excavation में मिलेगी खुदाई करने की ट्रेनिंग

राखीगढ़ी में पुरातत्व विभाग पिछले कई वर्षों से हड़प्पा कालीन सभ्यता से जुड़े टीलों पर खुदाई का कार्य कर रहा है। आमतौर पर वास्तविक पुरातात्विक खुदाई में प्रशिक्षित विशेषज्ञों और संबंधित विषय के विद्यार्थियों को ही काम करने का अवसर मिलता है। पर्यटक दूर से खुदाई का काम देखकर लौट जाते हैं।
Rakhigarhi Archaeological Site
लेकिन इस बार मॉक एग्जीबिशन के माध्यम से पर्यटकों को खुद खुदाई करने का अनुभव मिलेगा। इसके लिए मिट्टी से कृत्रिम टीले तैयार किए जाएंगे, जिनमें पुरातात्विक स्थलों पर मिलने वाली वस्तुओं जैसी प्रतिकृतियां (Replicas) रखी जाएंगी। प्रतिभागी इन वस्तुओं को खोजने के लिए निर्धारित औजारों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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इस दौरान प्रशिक्षक उन्हें बताएंगे कि पुरातत्वविद (Archaeologists) किस तरह सावधानीपूर्वक खुदाई करते हैं और जमीन के नीचे मिलने वाली वस्तुओं का अध्ययन कैसे किया जाता है।
दुनिया की प्रमुख हड़प्पा सभ्यता स्थलों में शामिल है राखीगढ़ी
राखीगढ़ी (Rakhigarhi Archaeological Site) हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक है। यह स्थल प्राचीन सभ्यता, रहन-सहन, संस्कृति और इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों के लिए जाना जाता है। यहां कुल नौ टीले चिन्हित किए गए हैं। इस पुरातात्विक स्थल का क्षेत्रफल लगभग 550 हेक्टेयर से अधिक बताया जाता है।
समय-समय पर होने वाली खुदाई में ऐसे अवशेष सामने आए हैं, जो हजारों वर्ष पुराने समाज की जीवनशैली को समझने में मदद करते हैं। राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ( Harappan Civilization Rakhigarhi ) को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या बोले पुरातत्व विभाग के अधिकारी?
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, हरियाणा के उपनिदेशक नरेंद्र परमार के अनुसार, राखीगढ़ी महोत्सव को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में हड़प्पा सभ्यता के टीलों पर मॉक एग्जीबिशन करवाई जाएगी। इसमें महोत्सव में आने वाला कोई भी व्यक्ति खुदाई की प्रक्रिया का अनुभव ले सकेगा। विभाग की ओर से मौके पर प्रशिक्षक उपलब्ध रहेंगे, जो प्रतिभागियों को इससे संबंधित जानकारी देंगे।
युवाओं के लिए पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएं
ग्रामीणों विक्की मलिक, वजीर सिंह और धर्मपाल सहित अन्य लोगों का कहना है कि राखीगढ़ी की पहचान आज देश-विदेश में बढ़ रही है। यहां आयोजित होने वाले महोत्सव से पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मॉक एग्जीबिशन युवाओं के लिए एक नया अनुभव होगा। इससे वे खुद खुदाई करके पुरातत्व के बारे में जान सकेंगे। गांव में आज भी कुछ पारंपरिक वस्तुओं और तौर-तरीकों में प्राचीन हड़प्पा संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
राखीगढ़ी महोत्सव के जरिए इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में यह आयोजन विद्यार्थियों, इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है।











