डबवाली में मिला था शव, बेटे की शिकायत पर कार्रवाई
हरियाणा न्यूज | फतेहाबाद : जिस मां के सहारे पिता की मौत के बाद दो बच्चे जिंदगी गुजार रहे थे, वही मां एक दिन पेंशन निकलवाने के बहाने घर से निकली। फिर कभी लौटकर नहीं आई। 16 साल के बेटे ने मां को तलाशा। वह पुलिस के पास पहुंचा। उसने शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि मां की हत्या कर दी गई थी। उसका शव भी दूसरे जिले में नहर से मिला था।
अब करीब पांच साल बाद इस मामले में फतेहाबाद की अदालत ने आरोपी संदीप उर्फ बारू को उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। मामला टोहाना के राजनगर में रहने वाली 36 वर्षीय अमृत कौर की हत्या का है। घटना 27 जुलाई 2021 की है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवेंदु जैन की अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल और सहायक जिला न्यायवादी सुरेंद्र सिंह ने पैरवी की।
दिव्यांग थी महिला, दो बच्चों के साथ रहती थी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमृत कौर के पति मिठू सिंह की मौत हो चुकी थी। दिव्यांग अमृत कौर अपने 16 वर्षीय बेटे व 10 वर्षीय बेटी के साथ टोहाना में किराए पर रहती थी। पति की मौत के बाद वह गांव लैहल कलां निवासी संदीप उर्फ बारू के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी थी। आरोपी डेयरी में काम करता था। आरोप है कि संदीप अमृत कौर के चरित्र पर शक करता था।
कपड़ों व तस्वीरों से पहचान, आरोपी घरा
27 जुलाई 2021 को संदीप विधवा पेंशन निकलवाने के बहाने अमृत कौर को बाइक पर कुदनी हेड भाखड़ा नहर ले गया। वहां सुनसान जगह देखकर उसने महिला को नहर में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। 5 अगस्त को डबवाली में मिले शव की पहचान बेटे और मामा ने कपड़ों व तस्वीरों से की। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर बाइक व कपड़े बरामद किए और मामला अदालत पहुंचा।













