ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी का इतिहास, टीला नंबर सात से मिला मानव कंकालों वाला कब्रिस्तान
सुनील कोहाड़ नारनौंद (हरियाणा न्यूज़) : अगर आप ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी का इतिहास का गवाह बनने के लिए राखीगढ़ी महोत्सव में आ रहे हैं तो यहां पर सबसे महत्वपूर्ण हड़प्पा सभ्यता के प्राचीन नगर के अवशेष और टीला नंबर सात से मिला मानव कंकालों वाला कब्रिस्तान है। कंकाल के डीएनए से इस बात पर मोहर लगी थी कि यह सभ्यता पांच हजार वर्ष पुरानी है। लेकिन ऐतिहासिक दृष्टि से यहां कई ऐसी ऐतिहासिक चीजें खोदाई में मिली है। जिनको दुनिया में अलग से पहचान मिली है। म्यूजियम के पीछे टीलें नंबर सात का भ्रमण करें। टीलें नंबर एक पर भी प्रदर्शनी के लिए एक कंकाल रखा गया है। ताकि लोग इस कंकाल को देखकर यह अंदाजा लगा सके कि उस समय के लोग कैसे होते थे। छोटी फिल्म के माध्यम से भी पूरी डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है जो की म्यूजियम में पर्यटक देख सकेंगे।
टीलें नंबर सात से खुदाई के दौरान करीब 80 मानव कंकाल मिल चुके हैं। उनके साथ रखे गए मिट्टी के बर्तन तथा आभूषण भी मिले हैं। इनके वैज्ञानिक अध्ययन से उस समय के लोगों के जीवन और अंतिम संस्कार की परंपराओं को समझ रहें हैं। कंकालों के साथ में जो बर्तन रखे हुए मिलते हैं मानना है कि उन बर्तनों में वह लोग अंतिम यात्रा के दौरान खाने पीने की चीज रखते थे।
राखीगढ़ी के एक मानव कंकाल से प्राप्त डीएनए पर हुए शोध ने हड़प्पा सभ्यता की आबादी के आनुवंशिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, एक व्यक्ति के डीएनए से पूरी हड़प्पा आबादी के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
राखीगढ़ी का टीला नंबर सात उस समय का कब्रिस्तान है। नगर हमें उस सभ्यता की उन्नत जीवन-व्यवस्था दिखाता है, जबकि कब्रिस्तान वहां रहने वाले लोगों के जीवन, मृत्यु-संस्कार और जैविक इतिहास के बारे में जानकारी देता है। यहां मानव कंकालों के साथ मिट्टी के बर्तन और आभूषण जैसी वस्तुएं मिली हैं। इनसे मृतकों को दफनाने की परंपराओं और उस समय के सामाजिक जीवन के बारे में जानकारी मिलती है।
बॉक्स
शॉर्ट फिल्म के माध्यम से भी टिलें नंबर सात पर खोदाई के दौरान जो कंकाल मिले थे और उनके डीएनए से क्या-क्या खुलासा हुआ था। वह सभी चीज इस शॉर्ट फिल्म में देखने को मिलेगी। पुरातत्व विभाग द्वारा अच्छी तकनीक के माध्यम से इस फिल्म को तैयार किया गया है। जिनका प्रसारण म्यूजियम की डिजिटल गैलरी में किया जाएगा।
बॉक्स
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग हरियाणा के उपनिदेशक नरेंद्र परमार ने बताया कि राखीगढ़ी महोत्सव में छोटी फिल्मों के माध्यम से आने वाले पर्यटकों को भरपूर जानकारी दी जाएगी। इसके लिए विभाग की तरफ से सभी तैयारियां कर ली गई है। राखीगढ़ी महोत्सव प्रदेश में पर्यटकों को बढ़ाने के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। प्रदेश और केंद्र सरकार इस साइट को मिलकर आगे बढ़ाने का काम करेगी।
बॉक्स
19 से 25 अक्टूबर तक एग्जिबिशन, वर्कशॉप, मॉक एग्जिबिशन, शॉर्ट मूवी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेरिटेज वॉक, राखीगढ़ी क्विज का आयोजन होगा। 22 से 24 अक्टूबर तक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। जिसमें अब तक जिन्होंने खुदाई की है वह सभी एक मंच पर सामने आकर सवालों के जवाब देंगे। 22 से 24 अक्टूबर तक दंगल (कुश्ती) आयोजित किया जाएगा… जिसमें प्रदेश भर के नामी पहलवान हिस्सा लेंगे। 24 अक्टूबर की रात को हरियाणवी रागिनी कंपटीशन का आयोजन किया जाएगा। ताकि हरियाणवी संस्कृति को जागृत किया जा सके।












