Haryana Farmers Protest : खेड़ी चोपटा मंडी में धान खरीद विवाद
नमी मापक मशीन में 3 प्रतिशत नमी दिखाने पर उठे सवाल, सरकारी मशीन से जांच करवाने की मांग; समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
हरियाणा न्यूज ( सुनील कोहाड़ )। हरियाणा के खेड़ी चोपटा अनाज मंडी में धान की खरीद के दौरान नमी की जांच को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नमी मापक मशीन की रीडिंग पर सवाल उठाते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश कौथ ने मंडी अधिकारियों के सामने विरोध जताया। मामले को लेकर किसान नेता और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद सुरेश कौथ सहित कई किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
Paddy Moisture Testing Dispute : नमी मापक मशीन में 3 प्रतिशत रीडिंग पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, सुरेश कौथ खेड़ी चोपटा अनाज मंडी पहुंचे थे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान धान की खरीद प्रक्रिया में नमी की जांच को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। विवाद उस समय बढ़ गया, जब नमी मापक मशीन में धान की जांच करने पर नमी केवल 3 प्रतिशत दिखाई गई।
किसान नेता सुरेश कौथ ने इस रीडिंग को गलत बताते हुए खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलर्स और प्रशासन की मिलीभगत से किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी मशीन से जांच करवाने की मांग
सुरेश कौथ ने मांग की कि धान में नमी की जांच के लिए हैफेड की अधिकृत सरकारी मशीन मौके पर मंगवाई जाए और उसी से फसल की जांच करवाई जाए। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
समाधान होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी
नमी जांच और खरीद व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के विरोध में सुरेश कौथ और किसानों ने मंडी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसान नेता ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का पारदर्शी समाधान नहीं होता और खरीद व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।
अब इस मामले में मंडी प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और किसानों की नमी जांच से जुड़ी मांग पर क्या निर्णय होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।













