Delhi Jaipur Highway Accident
हरियाणा न्यूज ( सुनील कोहाड़ ), बावल : दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर शुक्रवार को रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र के गांव रूध के फ्लाईओवर पर बारिश के बीच बड़ा सड़क हादसा हो गया। जयपुर से दिल्ली की ओर जा रहे दो डंपरों की पहले आपस में टक्कर हो गई। हादसे के बाद दोनों वाहन सड़क पर ही खड़े थे। इसी दौरान पीछे से आ रही राजस्थान रोडवेज की बस भी उनसे जा टकराई। रोड़वेज बस की टक्कर इतनी जबरदस्त था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस सड़क में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
तेज बारिश के कारण बावल में दो डंपरों और रोडवेज बस की टक्कर
जानकारी के अनुसार राजस्थान रोडवेज बस में हादसे के समय करीब 27 यात्री सवार थे। बस जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। रूघ फ्लाईओवर पर चढ़ते समय चालक को आगे दुर्घटनाग्रस्त डंपर दिखाई दिए, लेकिन तेज बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम होने और शीशे पर पानी पड़ने से सामने का रास्ता स्पष्ट नजर नहीं आया। इसी दौरान बस आगे खड़े वाहनों से टकरा गई।
हादसे की सूचना मिलते ही निजी अस्पतालों की एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को बाक्ल के जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दीपक जैन ने बताया कि कुछ घायल मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। उनका उपचार किया जा रहा है और फिलहाल किसी की हालत चिंताजनक नहीं है। घायलों को मामूली चोटें आई हैं।
उधर, सूचना मिलने पर कसौला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि पहले दुर्घटनाग्रस्त हुए दोनों डंपरों के सड़क पर खड़े होने के दौरान हाईवे पर पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए पर्याप्त संकेतक या चेतावनी व्यवस्था थी या नहीं।
बस चालक ने हाईवे प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
बस चालक ने हाईवे प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि फ्लाईओवर पर चढ़ते समय सामने दो डंपर दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में खड़े थे। तेज बारिश के कारण आगे का दृश्य साफ नहीं था और सड़क पर दुर्घटना की चेतावनी देने वाला कोई संकेतक भी नजर नहीं आया। इसी वजह से बस डंपरों से टकरा गई। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि तीनों वाहनों की टक्कर एक ही घटनाक्रम में हुई या पहले डंपरों का अलग हादसा हुआ था और बाद में बस उसकी चपेट में आई। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों और हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा रही है।










