big decision in support of Youtubers and Facebook page holder
Hansi News: पीने के पानी की मांग को लेकर हरियाणा के हांसी जिले के गांव चानौत के ग्रामीण पिछले करीब डेढ़ महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। Youtubers और Facebook page holder द्वारा पर एक तरफ की खबर दिखाने को लेकर सरकार ने दर्जनों यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया। युटयुबर्स के ब्लॉक चैनलों को खोलने की मांग पानी की समस्या से ज्यादा बड़ी हो गई। धरना कमेटी की मीटिंग में भी युटयुबर्स के ब्लॉक चैनल खोलने की मांग की गई और प्रशासन को अल्टीमेट दिया गया कि अगर समय रहते उनके ब्लॉक किए गए चैनलों को नहीं खोला गया तो इसके गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने होंगे।
चानौत धरना प्रदर्शन
भाखड़ा नहर से हांसी आ रही पाइप लाइन से टी लगातार चैनत ( चानौत) गांव में पानी की सप्लाई करने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले डेढ़ महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मांग को लेकर ग्रामीण आमरण अनशन पर भी बैठ गए थे। परंतु हर्ष छिकारा और सोमेश सरपंच द्वारा ग्रामीणों की टी लगवाने की मांग सरकार द्वारा मानने का आश्वासन देने और टी लगाकर ग्रामीणों के आमरण अनशन को तुड़वा दिया था। लेकिन प्रशासन ने ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और अगले ही दिन टी को उखाड़ दिया। जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फिर से चरम पर पहुंच गया।
यूट्यूब चैनल ब्लॉक होने से तिलमिला उठे यूट्यूबर्स

ग्रामीण के धरना प्रदर्शन को कर कर रहे youtubers और Facebook Page चला रहे सोशल मीडिया के पत्रकारों द्वारा बिना तथ्यों के आधारित खबरें चलाने का खामियाजना उस समय भुगतना पड़ गया, जब सरकार ने उनके YouTube channel और फेसबुक पेज को ब्लॉक कर दिया। यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज ब्लॉक होने के बाद युटयुबर्स तिलमिला उठे। ग्रामीणों की समस्या उठा रहे युटयुबर्स सोशल मीडिया पत्रकार अपने चैनल खोलने की मांग को लेकर धरना कमेटी के पास पहुंचे।
ब्लॉक किए गए यूट्यूब चैनलों के पत्रकार दुहाई दे रहे हैं कि ग्रामीणों की आवाज बुलंद करने का सबसे बड़ा नुकसान उन्हें झेलना पड़ा है। जबकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पत्रकारों द्वारा यूट्यूब और फेसबुक पर बिना तथ्यों के आधारित खबरें चलाकर अपने व्यू बटोरने का काम किया है और ग्रामीणों को भ्रम में डालकर वाहवाही लूट रहे हैं। जबकि एक साधारण पत्रकार का कार्य ग्रामीणों की समस्या के साथ-साथ पूरे तथ्य आमजन के सामने प्रस्तुत करने होते हैं।
समाज के लिए बड़ा ही खतरनाक युटयुबर्स
प्रशासन का कहना है कि पत्रकारिता का कार्य किसी को गुमराह करके पैसा कमाना नहीं बल्कि सच दिखाकर लोगों के भ्रम को दूर करना होता है। परंतु यूट्यूब और फेसबुक पर कुछ लोग अनाप-शनाप दिखाकर अपने व्यू बढ़ा रहे हैं ऐसे यूट्यूबर्स समाज के लिए बड़ा ही खतरनाक है। ग्रामीणों की मांग कितनी जायज है और उसे किस तरीके से पूरा किया जाता है यह भी पत्रकार का करते हुए बनता है कि वह पूरा सच जनता के सामने पेश करें।
युटयुबर्स के समर्थन में कोई बड़ा फैसला
धरना कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया गया कि अगर ब्लॉक किए गए यूट्यूब चैनलों को 1 जुलाई की दोपहर 12:00 बजे तक दोबारा से शुरू नहीं किया गया तो गांव की की धारणा कमेटी के साथ-साथ उन्हें समर्थन दे रही अन्य खाप पंचायत भी इस आंदोलन की आवाज को बुलंद करेंगी और युटयुबर्स के समर्थन में कोई बड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगी।
हांसी पुलिस अधीक्षक ने यूट्यूबर्स को दी चेतावनी – अनूप चानौत
प्रदर्शनकारी अनूप चानौत ने कहा कि हांसी पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने उनकी खबरों को कवर कर रहे पत्रकारों को बुलाकर चेतावनी दी कि अगर उन्होंने बार-बार अपनी खबरों में टी लगाने की बात कही तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक पत्रकारों के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज करने की बात कर रहे हैं और उन्होंने सपा को सस्पेंड करने की मांग की।
टी लगवाने की मांग को लेकर महापंचायत
थाना सदर हांसी के एरिया के गांव चनौत में पानी की समस्या व टी लगवाने की मांग को लेकर महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसके गांव चैनोत की 11 सदस्य व 21 सदस्य कमेटी के अलावा बाहर से आए किसान संगठन के नेताओं के साथ गांव के मौजिज व्यक्तियों ने मैरिज हॉल में एक मीटिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग में एकमत फैसला लिया गया कि जिन युटयुबर्स के प्रशासन द्वारा चैनल ब्लॉक किए गए हैं अगर उनके चैनल नहीं खोले तो कल 12:00 बजे धरना कमेटी कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होगी।
उसके बाद शमशेर नबरदार लाडवा प्रधान पूनिया खाप ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि हम तो आज ही कोई बड़ा फैसला लेने के लिए तैयार है लेकिन कमेटी का फैसला है कि हम सरकार को कल 12:00 बजे तक का समय दे रहे हैं।
धरना स्थल से लेकर गांव के वाटर वर्कस तक मानव चैन बनाकर एक ट्रैक्टर मार्च
पानी की समस्या की मांग को लेकर सुमेर डाटा रोघी खाप प्रधान ने कमेटी का फैसला सुनाया कि 3 तारीख तक अगर कोई समाधान नहीं होता है तो हम 3 तारीख को हरियाणा के सभी जिलों के मुख्यालय पर उपायुक्त को ज्ञापन सोपने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 4 तारीख को गांव में धरना स्थल से लेकर गांव के वाटर वर्कस तक मानव चैन बनाकर एक ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। वहीं 6 जुलाई को धरना स्थल के सामने 2 घंटे के लिए हांसी बरवाला मार्ग समय एक से तीन बजे तक जाम किया जाएगा।
यूट्यूब और फेसबुक पेज पर वीडियो कैसे चलाएं
इस संबंध में हांसी पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आधारित खबरें चलने पर पहले से ही नियम बनाए गए हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है और अपने यूट्यूब और फेसबुक पर कोई पोस्ट करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहे धरने को कवर करने वाले कुछ यूट्यूबर्स और फेसबुक पेज पर वीडियो चलने वाले अधूरी खबरें चला कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। जबकि एक पत्रकार का काम बिना किसी भेदभाव के जनता और प्रशासन के सामने सच दिखाकर हल करने की दिशा में तथ्य पेश करने होते हैं। लेकिन इस मामले में सोशल मीडिया पत्रकारों द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
भाखड़ा नहर से पाइपलाइन
इस संबंध में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि हांसी जिला बनने के बाद यहां की आबादी तेजी से बढ़ने वाली है और इसी को ध्यान में रखते हुए भाखड़ा नहर से पाइपलाइन को बिछाया जा रहा है ताकि भविष्य में शहर के लोगों को पीने के पानी की कोई दिक्कत ना हो। वहीं ग्रामीणों की मांग पर भी सरकार ने नई पाइपलाइन बिछाने की सहमति देते हुए मंजूरी दे दूर है परंतु ग्रामीण टी लगाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीण राजनीति से दूर हटकर अपने विवेक से सोचे कि उन्हें राजनीति करने वाले लोगों को मौका देना है या अपनी समस्या का समाधान करवाना है।