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PM Modi Rally: पीएम मोदी की रैली में उठेगा चानौत टी विवाद का मुद्दा, दो महीने बाद भी नहीं हुआ पेयजल समस्या का समाधान

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Chanot te controversy to be raised at PM Modi rally in Jind Haryana

Haryana News Today : जींद में होने वाली पीएम मोदी की रैली ( PM Modi rally ) में चानौत टी विवाद का मुद्दा सुनाई दे सकता है। इसको लेकर गांव में चल रहे धरने पर पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। चानौत गांव के ग्रामीण पिछले दो महीने से टी लगवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन दो महीने बाद भी पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ है। बुधवार को कंवारी गांव के सैकड़ों लोग महिलाओं सहित धरना स्थल पर पहुंचे और चानौत जल आंदोलन में भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

हांसी जिले के चानौत गांव के ग्रामीण राजली से गुजर रही भाखड़ा नहर से हांसी आ रही पाइपलाईन से टी लगाकर गांव में पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। चानौत गांव के ग्रामीण पिछले 60 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और इस शांतिपूर्ण आंदोलन में अनेक उतार चढ़ाव देखने को मिले। लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश साफ झलक रहा है और जींद में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में चानौत टी लगाने का मुद्दा उठाने की पूरी रणनीति पर धरना कमेटी और ग्रामीणों ने रणनीति तैयार कर ली है।

पीएम मोदी की रैली में उठेगा चानौत टी विवाद का मुद्दा

धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों की आवाज सुनते हैं जबकि स्थानीय नेता ग्रामीणों की आवाज को दबाने में लगे हुए हैं। विधायक हांसी शहर को भाखड़ा का नीला पानी देने पर अड़े हुए हैं जबकि गांव के लोग इस पानी से कुछ हिस्सा मांग रहे हैं। इसलिए गांव से दर्जनों महिलाएं व पुरूष जींद में पीएम मोदी की रैली में पहुंचकर उनके सामने गांव में पीने के पानी की समस्या का स्थाई समाधान करवाने की मांग करेंगे। इसके लिए गांव से महिलाओं का एक जत्था बुधवार को जींद के लिए रवाना होगा। उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री गांव के गरीबों की आवाज को सुनेंगें भी और उसका समाधान भी निकालेंगे।

अब देखने वाली बात ये होगी कि प्रधानमंत्री तक ग्रामीण अपनी बात को पहुंचा भी पाते हैं या फिर प्रशासन उन्हें रास्ते में ही रोक लेगा। अगर ग्रामीण रैली में पहुंच भी गए तो क्या उनकी बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कानों तक पहुंच पाएगी या फिर वहां पर मौजूद सुरक्षा कर्मी उनकी आवाज उठने से पहले ही दबा देंगे। इसको लेकर ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पूरा प्लान तैयार कर लिया है।

सोमवार को पेटवाड़ गांव के ग्रामीणों ने अपने छोटे भाई के रूप में बसे चानौत गांव के ग्रामीणों के धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। वहीं मंगलवार को कंवारी गांव के ग्रामीण महिलाओं सहित भारी संख्या में पहुंचे और चानौत गांव के इस सामूहिक मांग का समर्थन करते हुए चानौत जल आंदोलन में उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का भरोसा दिया।

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