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Smart/Recharge Meter Scheme वापिस लेने की मांग को लेकर किसानों ने धरना प्रदर्शन

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Farmers staged a sit-in protest demanding withdrawal of the smart/recharge meter scheme

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Hisar News : बिजली कानून को रद्द कर स्मार्ट / रिचार्ज मीटर योजना वापिस लेने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा ने विद्युत सदन में बिजली निगम के एमडी कार्यालय पर धरना लगाया। सैकड़ों आंदोलनकारियों ने एससी बिजली विभाग को ज्ञापन दिया। उन्होंने किसानों को स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए एमडी से किसान प्रतिनिधिमंडल की मीटिंग करवाने और समाधान करने का आश्वासन दिया। बड़ी संख्या में एकत्रित किसानों ने बॉर्डर्स पर किसानों को रोकने और दमन करने की सख्त शब्दों में निंदा की। प्रदर्शनकारी किसानों ने भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा द्वारा किसान आंदोलन पर की गई बेहूदी और अपमानजनक टिप्पणी का विरोध किया। सर्वमत से कहा गया कि सांसद माफी मांगे अन्यथा हर जगह उनका विरोध किया जाएगा। आंदोलन की  अध्यक्षता राज्य प्रधान बलबीर सिंह, जिला प्रधान शमशेर नंबरदार, रामफल देशवाल, राजेंद्र बाटू, रामप्यारी ने संयुक्त रुप से की।


           
किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल ने बताया कि किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया जिसके बिंदु 4 में केंद्र सरकार ने स्पष्ट लिखा कि बिजली बिल में किसान पर असर डालने वाले प्रावधानों पर सबसे पहले स्टेकहोल्डर्स / संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा होगी। मोर्चा से चर्चा होने के बाद ही बिल को संसद में पेश किया जाएगा लेकिन केंद्र सरकार अपने इस वायदे से मुकर गई। अब इस कानून के प्रावधानों को लागू करना शुरू कर दिया जिसका एक उदाहरण स्मार्ट/प्रीपेड मीटर योजना है, जिसे बिजली मंत्री कह रहे है कि प्रदेश में जल्द लागू किया जाएगा जिसकी शुरुआत सरकारी कर्मचारियों से होगी।

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बिजली अधिकारी को ज्ञापन देते किसान नेता।

सरकार की ये प्रीपेड मीटर योजना आम जन के पक्ष की नहीं बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए लागू की गई स्कीम है जिसके चलते बिजली के सार्वजनिक क्षेत्र पर प्राइवेट कॉरपोरेट कंपनियों का कब्जा होगा, बिजली महंगी होगी, सब्सिडियों खत्म हो जाएगी, किसानों को मिलने वाली खेत की सस्ती बिजली महंगी हो जाएगी।

सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की योजना का हाल वही होगा, जो आज गैस सिलेंडर के साथ हो रहा है। इससे रोजगार खत्म होंगे और बेरोजगारी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं का मीटर जब बदला जाता है जब उसमें कोई खराबी आई हो लेकिन अब कॉरपोरेट के फायदे के लिए लाखों उपभोक्ताओं के मीटर बदले जाएंगे जिसका बोझ भी उपभोक्ताओं पर ही डलेगा। इसलिए किसान सभा हरियाणा इसका मुखर विरोध करते इसे वापिस लेने की मांग करती है।


              किसान सभा राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने बताया कि आज केंद्र सरकार तमाम किसान विरोधी कदमों को लागू कर रही है चाहे वो स्मार्ट मीटर योजना हो या हाल में लाई गई कृषि व्यापार नीति  जिसके माध्यम से सरकार मंडी व्यवस्था को चौपट कर प्राइवेट मंडी योजना और कॉरपोरेट खेती को लागू करना चाहती है। राज्य प्रधान ने धरने के माध्यम से कहा कि शंभू, नोएडा बॉर्डर्स पर किसानों को रोकने, दमन करने और गिरफ्तारिया करना आदि सरकार की तानाशाही को दिखता है। सरकार लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है।

धरने को सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र यादव, जनवादी महिला समिति की उपप्रधान शकुंतला जाखड़, किसान सभा के उपप्रधान रोशन, डिंपल डॉ. बलबीर ठाकन, जगतार सिंह, सतबीर घायल, दिनेश सिवाच, कपूर बगला, शेर सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान मनोहर जाखड़, छात्र नेता दीपक, युवा नेता मुकेश दुर्जनपुर, रविंद्र मंगाली, अभय राम, राजपाल सातरोड, रामफल सरपंच, संदीप बैनीवाल, रणधीर, श्यामा देवी, तारो देवी, बाला देवी आदि ने संबोधित किया।

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