Heavy rain in Haryana, bringing cheer to farmers
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Haryana News Today: बीती रात से हरियाणा में जोरदार बारिश ( Heavy Rain ) हो रही है। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं वहीं नारनौंद उपमंडल परिसर में बारिश का पानी भर गया। शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद रात को तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। झमाझम बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई है।
हरियाणा में मौसम ने करवट बदली, हांसी-हिसार से लेकर कुरुक्षेत्र तक बारिश

नारनौंद बिजली निगम कार्यालय में घुसा बारिश का पानी, शहर की बिजली गुल

मानसून सीजन की पहली तेज बारिश से जलभराव हो गया। नारनौंद उपमंडल बिजली निगम कार्यालय में बारिश का पानी भर गया जिसकी वजह से नारनौंद शहर सहित कई गांव की बिजली गुल हो गई। हांसी जींद रोड़ से बिजली निगम कार्यालय तक जाने वाली सड़क पर भी पानी भर गया। आसपास के लोगों ने बताया कि खांडा मोड़ और उपमंडल कार्यालय परिसर में बारिश का पानी भर गया था और ओवरफ्लो होने के बाद यह पानी बिजली निगम कार्यालय तक पहुंच गया।
शुक्रवार के दोपहर बाद हरियाणा में मौसम ने करवट बदली और हांसी-हिसार से लेकर जींद कुरुक्षेत्र की बेल्ट में भी हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया था। करीब 4:00 शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी देर रात तक चलती रही और रात को करीब 1:00 बजे के बाद तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश का एक दूरी है शनिवार की सुबह करीब 8:15 बजे तक जारी है। बारिश होने की वजह से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। वही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है।
उपमंडल परिसर में घुसा बारिश का पानी

नारनौंद उप मंडल परिसर में पिछले दिनों हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद भी बारिश का पानी जमा हो गया था और इसको लेकर जिला सेशन जज ने कोर्ट परिसर का दौरा कर उचित पर बंद करने के आदेश दिए थे। लेकिन करीब 20 दिन बाद हुई इस बारिश में भी नारनौंद उपमंडल परिसर व कोर्ट परिसर में फिर से बारिश का पानी भर गया है। खांडा मोड़ से लेकर पुरानी सब्जी मंडी तक की सड़क पानी से लबालब भरी हुई है जिसकी वजह से सरकारी अस्पताल और कॉलेज के छात्रों के अलावा इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से फसलों को फायदा
मानसून सीजन की पहली जोरदार बारिश होने की वजह से किसानों की धान कपास और बाजरे की फसल सहित अन्य फैसलें सुखे की वजह से नष्ट नहीं होंगी। धान की फसल के लिए यह बारिश आसमान से सोना बनकर बरस रही है। इस बारिश का सबसे ज्यादा फायदा धान की फसल में होने की संभावना बताई जा रही है। वही यह बारिश गन्ने की फसल के लिए भी काफी फायदेमंद बताई जा रही है।
निचले इलाकों में जलभराव

ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के निचले इलाकों में जल भराव होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। लेकिन अच्छी बारिश होने की वजह से लोग अपनी परेशानियों को भूल गए और बारिश का मजा लेने लगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए बनाए गए नालों की उचित साफ सफाई न होने की वजह से कई जगह गलियों में बारिश का पानी जमा हो गया।
हरियाणा के ज्यादातर इलाकों में इस बार मानसून सीजन की बारिश नहीं हुई थी। हांसी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद, भिवानी, रोहतक, चरखी-दादरी सहित हरियाणा प्रदेश के अधिकांश जिले सूखे की चपेट में आए हुए थे। बारिश न होने की वजह से किसानों की धान की फसल सहित अन्य खरीफ फैसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। किसानों के सामने समस्या थी कि वह अपनी फसलों को कैसे संभाल कर रखें। इसको लेकर किस दिन रात परेशान दिखाई दे रहे थे।

मानसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग भी कई बार हरियाणा में बारिश का अलर्ट जारी कर चुका है लेकिन बादल आते तो जरूर लेकिन बिना बारिश के ही हरियाणा के ऊपर से गुजर जाते। गर्मी और उमस की वजह से लोगों को घरों में भी घुटन महसूस होने लगी थी। क्योंकि गर्मी और उमस की वजह से घरों में लगे कूलर, पंखे ही नहीं बल्कि ऐसी भी जवाब देने लगे थे। ओवरलोडिंग की वजह से बिजली भी बार-बार कट लग रही थी। बिजली की डिमांड बढ़ने की वजह से लोग आए दिन सड़कों पर उतर रहे थे और बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से देने की मांग करने लगे थे।
बारिश की फोटो व वीडियो















