Raid on quack’s clinic in Narnaund
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Hansi News : नारनौंद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हो चुकी है और स्वास्थ्य विभाग इन पर नकेल कसने में कामयाब नहीं हो रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव लोहारी राघो में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस ने मैडिकल आफिसर की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापेमारी की सूचना से पूरे क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया और वो अपने अपने क्लीनिकों पर ताला लगा कर भाग गए।
लोहारी राघो में झोलाछाप डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि हांसी जिले के गांव गांव लोहारी राघो में झोलाछाप डॉक्टर पिछले काफी सालों से क्लीनिक किए हुए है और वो यहां पर आने वाले मरीजों का उपचार करके उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सिसाय सीएचसी के डाक्टर जगदीप सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जिसमें ड्रग्स कंट्रोल आफिसर डॉ अजय कुमार ने टीम के साथ मिलकर गांव लोहारी राघो में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापेमारी की। जहां पर एक मरीज का उपचार करने के लिए ड्रिप लगाई गई थी और झोलाछाप डॉक्टर गुलशन कुमार अपने क्लीनिक से नदारद था।
झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

छापेमारी की सूचना मिलते ही आसपास के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया और वो अपने अपने क्लीनिकों पर ताला जड़ कर भाग गए। मैडिकल आफिसर डॉ जगदीप सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नारनौंद थाना पुलिस ने गांव लोहारी राघो निवासी झोलाछाप डॉ गुलशन कुमार के खिलाफ एनएमसी अधिनियम की धारा 34, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम की धारा 18ए और 18(सी) और बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। ( Narnaund News Today )
मैडिकल आफिसर डॉ जगदीप सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान गांव लोहारी राघो में क्लीनिक पर कैथल जिले के गांव बडसीकरी कलां निवासी कप्तान पुत्र पल्ला को एडमिट कर ड्रिप लगाई हुई थी। इसी दौरान अवैध रूप से कॉलोनी चला रहे गुलशन कुमार का बेटा सिमर भी वहां आ गया और उसने सबके सामने कप्तान के हाथ में लगी ड्रिप की सिरिंज को कप्तान के हाथ से निकाल दिया। आरोपी गुलशन कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत दी गई है जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

डॉ जगदीप सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान करीब 4:30 बजे आरोपी गुलशन कुमार अपने क्लीनिक पर पहुंचा तो उसने बताया कि वह पिछले 15 सालों से गांव में ही प्रैक्टिस कर रहा है लेकिन जब उसे पंजीकृत से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी दस्तावेज डॉक्टरों की टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर पाया। उसके क्लीनिक से भारी मात्रा में उपचार में प्रयोग होने वाले मेडिकल उपकरण और एलोपैथिक दवाइयों की खरीद बिक्री से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में क्लीनिक में मिले मेडिकल उपकरण दवाइयां और अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।
बिना पंजीकरण के झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार
गांव लोहारी राघो में झोलाछाप डॉक्टर गुलशन कुमार के क्लीनिक पर छापेमारी से खुलासा हुआ कि यह क्लीनिक पिछले 15 सालों से बिना किसी पंजीकरण के चल रहा है और झोलाछाप डॉक्टर दवाइयां के खरीद व बिक्री से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड मेंटेन नहीं कर रहा। हर गांव में ऐसे झोलाछाप डॉक्टर कई-कई मिल जाएंगे जो गांव के भोले भाले लोगों के स्वास्थ्य के साथ तो खिलवाड़ कर ही रहे हैं। साथ ही दवाओं के महंगे रेट लगातार उनको आर्थिक हानि भी पहुंचा रहे हैं।








