Hansi Narnaund Police search operation rajthal sulchani village
Narnaund News : हांसी पुलिस की नशा तस्करों पर नकेल कसने की कार्रवाई लगातार जारी है और पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन के सख्त निर्देशों से स्थानीय पुलिस पुलिस और एंटी नारकोटिक्स सेल की टीमें नशा तस्करों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसी अभियान के तहत हांसी पुलिस की एंट्री नारकोटिक्स सेल टीम ने डॉग स्क्वाड टीम के साथ नारनौंद क्षेत्र के गांव राजथल व सुलचानी में नशा तस्करों के ठिकानों पर रेड की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Hansi News : गांव राजथल और सुलचानी में एंटी नारकोटिक सेल का सर्च ऑपरेशन, नशा तस्करों पर शिकंजा

एंटी नारकोटिक सेल टीम हांसी पुलिस ने डॉग स्क्वाड टीम सहित थाना नारनौंद के क्षेत्र गांव राजथल व सुलचानी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान संदिग्धों के निवास स्थानों की जांच की। पुलिस टीम ने उनके अन्य संभावित ठिकानों पर भी छानबीन की गई कि कहीं किसी जगह कोई मादक पदार्थ छुपा कर रखा ना हो या कोई नशा बेचने वाला न रहता हो। अभियान के दौरान कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ।

पुलिस अधीक्षक हांसी अमित यशवर्धन ने कहा कि चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना व अपराधियों में भय उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में मुख्य रूप से नशे का कारोबार करने वालों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई करना है। पुलिस ने हर संदिग्ध जगह पर जांच की। इस दौरान मादक पदार्थ या संदिग्ध वस्तु का कोई मामला सामने नहीं आया।

पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के अलावा वहां मौजूद आमजन कहा कि किसी प्रकार के मादक पदार्थ बेचने वाले या अन्य किसी अपराधी के बारे में मानस पोर्टल, नेशनल हेल्प लाइन नंबर 1933 या कंट्रोल रूम हांसी 8813089302 पर सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों व अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ चलाया जा रहा सर्च अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। हांसी पुलिस द्वारा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों के माध्मय से उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है।
तोता उड़ मैना उड़ की कहानी फिर साबित सार्थक
स्थानीय लोगों ने बताया कि राजथल गांव व सुलचानी गांव पूरे उत्तर भारत में उड़ते पंजाब के नाम से नशे के कारोबार को लेकर मशहूर हैं। इन गांव से नशे की बड़ी-बड़ी खेप नारनौंद क्षेत्र ही नहीं बल्कि हरियाणा सहित आसपास के राज्यों में भी सप्लाई की जाती है।
गांव राजथल के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि गांव का नाम पूरे उत्तर भारत में नशे के कारोबार को लेकर जाना जाता है लेकिन स्थानीय पुलिस यहां पर किसी भी बड़े नशा तस्कर को नहीं पकड़ पाई है। जबकि जींद और कैथल जिले की पुलिस यहां से भारी मात्रा में नशीले पदार्थों सहित नशे का कारोबार करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जब भी गांव में पुलिस की छापेमारी होती है तो स्थानीय पुलिस से पहले ही सूचना जाते हैं और नशा तस्कर घर छोड़कर भाग जाते हैं या फिर अपने नशे को कहीं और छुपा लेते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से नशा तस्करों को तोता उड़ में ना उड़ के इशारे देकर पहले ही चौकन्ना कर दिया जाता है। जिसकी वजह से पुलिस अधीक्षक के तमाम प्रयासों के बावजूद भी यहां से नशे का बड़ा कारोबार होने के बावजूद भी नशा कम पकड़ा जाता है या फिर बिल्कुल भी नहीं मिलता।











