पित्त की थली में पत्थरी का दूरबीन से ऑपरेशन
बरवाला के जनता अस्पताल में पित्त की थली में पत्थरी का दूरबीन से ऑपरेशन ( Laparoscopic surgery for gallstones ) करने की बात कहकर डॉक्टर ने युवक का पेट चीरकर ऑपरेशन कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत हो गई। मृतक युवक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ऑपरेशन में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करके मृतक के शव का डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया।
Barwala Hisar News: हिसार जिले के बरवाला कस्बे के डा. अनंतराम के जनता अस्पताल बरवाला में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण आपरेशन के दौरान 31 वर्षीय नवदीप की मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया और शव लेने से इन्कार कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक बरवाला थाना पुलिस परिजनों को समझाते रही। लेकिन मृतक के परिजन लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया। परिजनों ने उसके बाद शव उठाया।
पित्त की थैली में पथरी के कारण पेट में दर्द
जानकारी के अनुसार गांव भैणी बादशाहपुर निवासी सुरेश चंद्र के बेटे नवदीप को पित्त की थैली में पथरी के कारण पेट में दर्द रहता था। नवदीप मुनीम का काम करता था। पेट में दर्द के चलते उसके परिजन उसे 29 जून को बरवाला के डा. अनंतराम के जनता अस्पताल में लेकर आए। आरोप है कि डॉक्टर अनंतराम ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनके पास अनुभवी डॉक्टरों की पूरी टीम है। ( Hisar Ki Taaja khabar )
उन्होंने दूरबीन विधि से बेहतर उपचार करने का दावा किया और कहा कि आपरेशन के महज दो घंटे बाद मरीज को छुट्टी दे दी जाएगी। पूरे उपचार के लिए 20 हजार लगेंगे। परिजनों ने नवदीप को 30 जून की सुबह 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया और रुपये जमा करवा दिए। शाम करीब साढ़े चार बजे नवदीप को आपरेशन थियेटर में ले जाया गया।
आपरेशन टीम में डा. अनंत राम बरवाला, डा. प्रवीण कुमार गोयल, डा. अभिषेक ढांडा और शिव कुमार कौशिक शामिल थे। परिजनों का आरोप है कि शाम करीब सात बजे डॉक्टरों ने उनसे अचानक दो यूनिट खून लाने को कहा। उन्हें तुरंत ब्लड सेंटर से खून लाकर दे दिया। कुछ देर बाद दोबारा दो यूनिट खून और फिर चार यूनिट प्लाज्मा मंगवाया। रात करीब 12 बजे डॉक्टरों ने फिर से दो यूनिट खून लाने को कहा, लेकिन जब परिजन खून लेने जाने लगे, तो डॉक्टरों ने उन्हें रोक दिया।
दूरबीन से उपचार करने की बजाय पेट के दाहिनी तरफ आपरेशन
जब उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि इतना खून क्यों लग रहा है और क्या कोई दिक्कत है, तो चिकित्सकों ने कहा कि सुबह तक बिल्कुल ठीक हो जाएगा, अभी बेहोशी की हालत में है। बुधवार तड़के ढाई बजे परिजनों को नवदीप की मौत का पता चला। जब पिता ने नवदीप के शव को देखा, तो सामने आया कि जनता अस्पताल बरवाला के डॉक्टरों ने दूरबीन से उपचार करने की बात कहकर उसके पेट के दाहिनी आपरेशन किया हुआ था।
डॉक्टरों और लैब स्टाफ की लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की जान गई
मृतक के पिता सुरेश चंद ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों और लैब स्टाफ की लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की जान गई है। उन्होंने पुलिस से डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। बाद में पुलिस ने जब केस दर्ज किया तो परिजन पोस्टमार्टम करवाने पर राजी हुए।
पीत की थैली के पास पस : डा. अनंतराम बरवाला
डा. अनंतराम बरवाला ने कहा कि नवदीप के पेट में पीत की थैली में कई पथरी थी। अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका आपरेशन शुरू किया। आपरेशन के दौरान पता चला कि पीत की थैली के पास काफी पस थी। जिस दूर करना था। पस को अलग करने का काम किया गया। इस दौरान काफी खून बहने लगा। युवक को कई यूनिट ब्लड चढ़ाई गई। हमें दुख है कि हम मरीज की जान को नहीं बचा पाए।
अस्पताल में आपरेशन के बाद युवक की मौत के मामले में जांच आरी है। मृतक परिजनों के बयान पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
-दलबीर सिंह, बरवाला थाना प्रभारी, हिसार


