राहुल गांधी ने अपने पत्र में पूछा कि क्या गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पेलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और घायल छात्रों को उचित उपचार व न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को बल प्रयोग से दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।


