Hisar online Fraud Case
हरियाणा न्यूज टूडे। हिसार साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 14 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) ठगी के मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुके हैं।
Online Fraud Case Hisar Update ( इंस्टाग्राम पर फर्जी निवेश विज्ञापन )
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायतकर्ता तरुण सिंगला निवासी बरवाला ने एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि इंस्टाग्राम पर फर्जी निवेश विज्ञापन के माध्यम से उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने स्वयं को प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विभिन्न बैंक खातों में किस्तों के माध्यम से करीब 14 लाख रुपये जमा करवा लिए। बाद में निवेश की गई राशि निकालने के नाम पर भारी शुल्क की मांग की गई। कंपनी से सत्यापन करने पर शिकायतकर्ता को पता चला कि उसके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। ( Latest Hisar News in Hindi )
साइबर क्राइम हिसार
मामले में थाना साइबर क्राइम हिसार में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 61 के तहत मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों तथा लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण करते हुए पहले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले की जांच के दौरान 04 अगस्त 2026 को पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी अंकित गुप्ता पुत्र जवाहिर लाल निवासी अमोढ़ा खास, जिला बस्ती (उत्तर प्रदेश) को तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया। आरोपी वारदात के बाद लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी एवं जांच जारी है।
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट एवं प्रामाणिकता की जांच
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप या फर्जी ट्रेडिंग एवं निवेश ऐप के झांसे में आकर किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट एवं प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। अधिक मुनाफे का लालच अक्सर साइबर ठगी का माध्यम होता है। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।









