91 Club Trading App से धोखाधड़ी, तीन साइबर ठग गिरफ्तार
हिसार: 91 Club Trading App के जरिए लोगों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी करने के मामले का हिसार साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हजारों रुपये भी बरामद किए गए हैं।
Trading App Scam: पुलिस की पूछताछ और शिकायत से सामने आया कि साइबर ठग सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके लिए आरोपियों की ओर से सोशल मीडिया पर लुभावने मैसेज और विज्ञापन प्रसारित किए जाते थे। इन मैसेज के जरिए लोगों को कम समय में अधिक पैसा कमाकर जल्द अमीर बनने का लालच दिया जाता था।
जो लोग आरोपियों के झांसे में आ जाते थे, उन्हें सोशल मीडिया ग्रुप में शामिल कर लिया जाता था। इसके बाद उन्हें ट्रेडिंग या निवेश के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया जाता था। आरोपियों द्वारा ग्रुप में मुनाफा होने के फर्जी स्क्रीनशॉट भी दिखाए जाते थे, ताकि लोगों को उनके दावों पर विश्वास हो जाए।
91 Club Scam: इसके बाद लोगों से उनके बैंक अकाउंट और यूपीआई के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करवाए जाते थे। जब पीड़ित अपने रुपये वापस निकालने की कोशिश करते थे, तो आरोपियों की ओर से रुपये निकालने के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की जाती थी।
इसी तरह की धोखाधड़ी के मामले की शिकायत मिलने के बाद हिसार साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अलग-अलग UPI ID पर करवाए पैसे ट्रांसफर, बोनस निकालने के नाम पर भी मांगी रकम
मामले के अनुसार गांव सुल्तानपुर निवासी दीपक ने शिकायत दी थी कि उसे Instagram के माध्यम से 91 Club ट्रेडिंग ऐप के बारे में जानकारी मिली थी। ऐप के माध्यम से ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर उसे “Vina Sakher Agency 91 Club” नामक Telegram ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में अलग-अलग UPI ID भेजकर उससे लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए।
वॉलेट में 3.30 लाख रुपये बोनस
बाद में Telegram के माध्यम से उसके वॉलेट में 3.30 लाख रुपये बोनस आने की बात कहकर पैसे निकालने के लिए पहले ₹37,500 जमा करवाने को कहा गया। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर उससे और रकम ट्रांसफर करवाई गई। पैसे वापस मांगने पर टाल-मटोल की गई, जिसके बाद पीड़ित को साइबर ठगी का पता चला। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम हिसार में धारा 318(4), 61 BNS के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
जांच के दौरान PSI जितेन्द्र की टीम ने लक्की पुत्र संदीप निवासी राजीव नगर, रोहतक से 10,000, राममेहर पुत्र जिले सिंह निवासी सेक्टर-6 बहादुरगढ़ से 5,000 तथा सोनू पुत्र धर्मबीर सिंह निवासी ईशरवाल से 5,000 बरामद किए।










