Hisar Murder News : Hisar Cricket Ground Firing Case Update
Hisar Breaking News: हिसार में क्रिकेट ग्राउंड के बाहर शराब ठेकेदार नरेश हरिता की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों का असली निशाना नरेश हरिता नहीं, बल्कि उसका दोस्त धर्मबीर था। धर्मबीर राजस्थान के नागौर में वर्ष 2022 में हुए गैंगस्टर संदीप बिश्नोई उर्फ संदीप सेठी हत्याकांड का मुख्य गवाह है।हमले में नरेश की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि धर्मबीर को भी दो गोलियां लगीं। दोनों गोलियां उसके शरीर के आर-पार हो गईं। गंभीर रूप से घायल धर्मबीर मौके पर ही गिर पड़ा, लेकिन उसकी जान बच गई। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
कोर्ट में गवाही के बाद बढ़ा खतरा
पुलिस जांच में सामने आया है कि धर्मबीर ने हाल ही में राजस्थान के एक पुराने गैंगस्टर मर्डर केस में कोर्ट में गवाही दी थी। इसके बाद हिसार में उस पर जानलेवा हमला होने से पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच कनेक्शन तलाश रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि धर्मबीर की गवाही से नाराज होकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। इसी हमले में उसके साथ मौजूद नरेश भी गोलीबारी की चपेट में आ गया।
क्रिकेट ग्राउंड में अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
वारदात हिसार के एक क्रिकेट ग्राउंड में तीन नकाबपोश हमलावर बाइक पर सवार होकर पहुंचे और दोनों पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं। फायरिंग शुरू होते ही धर्मबीर जान बचाने के लिए क्रिकेट मैदान की ओर भागा। इसी दौरान उसे दो गोलियां लगीं और वह मैदान में ही गिर पड़ा। दूसरी ओर नरेश के सिर, चेहरे और हाथ में गोलियां लगीं। ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देखकर हमलावर बाइक से फरार हो गए।
आधे घंटे पहले इसी मैदान में खेला गया था मैच
इस वारदात की एक और अहम कड़ी सामने आई है। जिस क्रिकेट ग्राउंड में फायरिंग हुई, वहां घटना से करीब आधा घंटे पहले पुलिस की टीम और द माइनिंग वारियर्स के बीच क्रिकेट मैच हुआ था। आजाद नगर थाना प्रभारी मनदीप कुमार भी इस मैच में शामिल थे। मैच खत्म होने के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में एसएचओ मनदीप कुमार और शराब ठेकेदार नरेश हरिता ने साथ में फोटो भी खिंचवाई थी। इसके करीब 20 से 25 मिनट बाद उसी ग्राउंड में गोलियां चलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस पहलू को लेकर भी पुलिस घटनाक्रम की टाइमलाइन खंगाल रही है।
2022 में नागौर में हुई थी संदीप सेठी की हत्या
धर्मबीर जिस मामले का मुख्य गवाह बताया जा रहा है, वह राजस्थान के नागौर में वर्ष 2022 में हुई गैंगस्टर संदीप बिश्नोई उर्फ संदीप सेठी की हत्या का मामला है। 19 सितंबर 2022 को संदीप सेठी, धर्मबीर और अन्य लोग हरियाणा से राजस्थान के नागौर कोर्ट में एक मामले की पेशी के लिए पहुंचे थे। लंच के दौरान संदीप सेठी और नरेंद्र सांखला कोर्ट परिसर से बाहर आए। इसी दौरान हथियारबंद बदमाशों ने संदीप सेठी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में संदीप सेठी की मौत हो गई थी, जबकि धर्मबीर और रवि पूनिया को भी गोलियां लगी थीं। सूर्यकांत की जांघ को छूते हुए गोली निकल गई थी।
अनिल छोटिया समेत कई संदिग्ध पुलिस के रडार पर
संदीप सेठी हत्याकांड में हिसार के मंगाली सुरतिया निवासी बदमाश अनिल उर्फ छोटिया का नाम भी सामने आया था। मौजूदा मामले में भी पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। धर्मबीर के बयान के आधार पर पुलिस ने दिप्ती सीसवाल, अनिल उर्फ छोटिया, भूना निवासी सोनू पंडित, अमित रावतखेड़ा, प्रवीन काजला, घोलू बिश्नोई कालवास सहित अन्य के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की साजिश कहां तैयार हुई, शूटर्स को किसने भेजा और धर्मबीर को निशाना बनाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
राजस्थान पुलिस से भी संपर्क
हिसार पुलिस इस मामले की जांच को राजस्थान के नागौर में हुए संदीप सेठी हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। दोनों मामलों के आरोपियों और गवाहों के बीच संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने वारदात स्थल से तीन खाली खोल और एक मैग्जीन बरामद की है। सीआईए समेत पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हिसार में हुआ यह हमला वास्तव में संदीप सेठी हत्याकांड के मुख्य गवाह धर्मबीर को चुप कराने की कोशिश थी? जांच पूरी होने के बाद ही इस साजिश की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
हिसार शराब ठेकेदार की हत्या के मामले में तीन गिरफ्तार
हिसार शराब ठेकेदार की हत्या के मामले में हिसार पुलिस की तरफ से तीन टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने मामले की अलग-अलग एंगल से जांच की और इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान अमित, अनिल और तीसरे युवक की पहचान अमित के रूप में हुई है। इन तीनों के खिलाफ पहले ही हत्या, लूट, डकैती और लड़ाई झगडे के कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।














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