Fraud Case in Haryana: Accountant and his associates accused of embezzlement of Rs 33 crore
हरियाणा न्यूज/सिरसा: सिरसा में कार्यरत एक कंपनी के डायरेक्टर ने कंपनी में कार्यरत एक मुनीम व उसके साथियों पर कंपनी के 33 करोड़ रुपयों का गबन करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में डबवाली रोड स्थित एचएसएफ फूड प्रोटेक प्रा. लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर संजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी में पिछले 15 साल से साकेत कुमार पुत्र राजेश कुमार बतौर मुनीम कार्यरत है। उपरोक्त कंपनी राइस मिल मशीनरी बनाने का काम करती है। मुनीम ने कंपनी व उनके पारिवारिक सदस्यों का अकाउंटस का सारा काम संभाल रखा था।
कंपनी की लगभग 40-50 कंपनियों से डिलिंग है जिनसे उधार पर माल लेते हैं और समय-समय पर पेमेंट अदायगी की जाती थी। कभी-कभी जरूरत के हिसाब से एडवांस पेमेंट भी की जाती थी और यह सारा पैसों का लेनदेन व कामकाज साकेत करता था। आरोप है कि साकेत कुमार ने मुनीम के पद पर कार्यस्त होते हुए कंपनी के प्रबंधकों पर बदनीयती से अपना विश्वास बनाकर खातों में हेरा-फेरी करके जाली बैंक स्टेटमेंट, लेजर बुक बनाकर उसे कंपनी के पदाधिकारियों को असल के रुप में चलाकर लगभग 33 करोड़ रुपए की राशि का गबन इलेट्रोनिक्स उपकरणों का प्रयोग करके कंपनी के पदाधिकारी/पारिवारिक सदस्यों को नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुनीम ही कंपनी का अकाउंट व उनके परिवार के सदस्यों के अन्य सेविंग अकाउंटस को आपरेट अपने लैपटाप से ही करता था और जब भी कोई पेमेंट करनी होती थी तो ओ.टी.पी. मांग लेता था। विश्वास के कारण वे ओटीपी दे देते थे। आरोप है कि मुनीम ने 23.05.2024 को संजीव गुप्ता ने साकेत को फर्म डायनमिक इंजीनियरिंग दिल्ली को 40 लाख रुपए ट्रांसफर करने बारे कहा जिस पर साकेत ने मेरे से दो बार ओ.टी.पी. (30 लाख व 10 लाख ट्रांसफर करने बाबत) लिया और उसके बाद साकेत गोवा जाने के लिए छुट्टी लेकर चला गया। जब संजीव गुप्ता ने फोन पर साकेत से दो बार ओ.टी.पी. लेने का कारण पूछा तो उसने बतलाया कि मैंने 30 लाख रुपए फर्म डायनमिक इंजीनियरिंग दिल्ली में तथा 10 लाख रुपए ओम स्टेनलैस इंडिया में ट्रांसफर कर दिए हं।
जिस पर साकेत पर शक हुआ क्योंकि साकेत को. ओम टेनलैस इंडिया में राशि ट्रांसफर करने बारे नहीं कहा था। जब साकेत से बातचीत करनी चाही तो वह कोई स्पष्ट जबाव नहीं दे सका। जब साकेत की नीयत पर शक हुआ तो सी.ए. के मिलकर खुद बैंक खातों व कंपनी की लेजर बुक डिटेल चैक करवाई तो पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई क्योंकि साकेत ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लगभग 33 करोड़ राशि का गबन किया है। अब उन्होंने पुलिस से शिकायत करके जांच करवाने व गबन की गई राशि दिलवाने की मांग की है।