Haryana Mausam update September 2025
Haryana Mausam Ab Tak : हरियाणा में इस बार भारी बारिश की वजह से कई क्षेत्रों में जलभराव होने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हरियाणा मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 4 सितंबर तक हरियाणा में भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को हिसार दिन सहित प्रदेश के कई जिलों में कहीं पर भारी बारिश हुई तो कहीं पर बूंदाबांदी का दौरा दिनभर चलता रहा।
मौसम विभाग ने ( Haryana Mausam update ) 29 से लेकर 1 सितंबर तक अलर्ट जारी किया हुआ है। अब मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि हरियाणा के अधिकतर क्षेत्रों में 4 सितंबर तक भारी से भारी बारिश होने की संभावनाएं बन रही है। क्योंकि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना हुआ है और वहां से नमी वाली हवाएं हरियाणा में आ रही है। मोहे आने वाले दिनों में अरब सागर में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बनने वाला है। अरब सागर से भी गुजरात राजस्थान होते हुए नमी वाली हवाएं हरियाणा में आएंगी। अगर पूर्वी पश्चिमी हवाएं आपस में टकरा जाती हैं तो उसके आसपास क्षेत्र में भारी से भारी बारिश होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं ऐसी ही स्थिति हरियाणा में बनती हुई नजर आ रही है।

हिसार जिले के गांव शाहपुर में बारिश के साथ-साथ नदी और ड्रेन के टूटने से गांव में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसके अलावा हिसार के अलग-अलग ब्लॉकों के सैकड़ो गांव बाढ़ की चपेट में आए हुए हैं। शुक्रवार को हुई तेज बारिश की वजह से बरवाला खंड के गांव छान, बनभौरी, संदलाना मतलोडा में नरमा व बाजरे की फसल पानी में डूब गई। इसके अलावा कहीं कहीं धान की फसल पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। सिंघवा, मदन हेड़ी, बडाला, उगालन, भकलाना, मोहला बड़छप्पर, राजली, घिराय, सुलखनी, भाटला, खोखा, खरकड़ी, बुगाना, डाटा, गुराना, बधावड़ इत्यादि गांव में जलभराव से भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है। ( Haryana Mausam update News )

जींद जिले के गांव आसन, चाबरी, दड़ौली, रधाना, शामलो, करेला झमौला, खरक रामजी, कालवा, बराह, ढिगाना, पडाना, निडाना, निडानी, अनूपगढ़, गोसाई खेड़ा, लिजवाना, बरसौला, नंदगढ़ इत्यादि गांव में भारी बारिश या दूसरे गांव से पानी आने से खेत जलमग्न हो गए हैं। आसन गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पानी के निकासी के लिए जिला प्रशासन में मोटर मुहिया करवाई हुई हैं। लेकिन मोटर है पहले से ही खराब है और वह चल नहीं रही जिसकी वजह से उन्हें और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को जिला उपयुक्त कार्यालय पहुंचे और जिला उपाय से गुहार लगाई कि उनकी मोटरों को ठीक करवरकर नियमित रूप से पानी की निकासी का प्रबंध करवाया जाए। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद जिला उपयुक्त में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि शनिवार तक ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा अन्य कई गांवों में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।

अगर सितंबर और अक्टूबर में Haryana Mausam update के मुताबिक बारिश को लेकर सोशल मीडिया पर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी की दवाओं की वजह और लो प्रेशर की वजह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से भारी से भारी बारिश होने की खबरें वायरल हो रही है। पंजाब हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और राजस्थान के हालात देखने के बाद हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के लोगों के दिलों की धड़कन भी तेज हो गई है। कुछ एक्शन को छोड़कर अब तक हरियाणा में नरम और कपास की फसल पर ही खतरे के बादल मंडरा रहे हैं लेकिन और अधिक बारिश हुई तो समुद्र हरियाणा में धान की फसल पर भी कहर टूटा हुआ दिखाई दे रहा है।
जहां-जहां जल भरा हुआ है उन गांव के ग्रामीणों ने सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवा कर उचित मुआवजा देने की मांग की है और साथ ही गुहार लगाई है कि उनके खेतों से जल्द से जल्द पानी की निकासी का प्रबंध करवाया जाए ताकि वह अपने खेतों में आने वाले समय में गेहूं में सरसों की फसल की बिजाई कर सकें। हालांकि सरकार ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के लिए पहले ही फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है।

Haryana Mausam update 31 अगस्त :31 अगस्त को हरियाणा के 13 जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। हरियाणा के सोनीपत, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में 75 से 100 प्रतिशत बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दिन 16 जिलों में यलो अलर्ट भी जारी किया है। इसके अलावा पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, रोहतक, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में 50 से 75 प्रतिशत तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, जींद और भिवानी में 25 से 50 प्रतिशत बारिश हो सकती है।
Haryana Mausam update 1 सितंबर : 1 सितंबर को भी हरियाणा में बारिश का सिलसिला कई जिलों में देखने को मिलेगा। भिवानी, रोहतक, जींद, कैथल और आसपास के जिलों में 50 से 75 प्रतिशत जबकि यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम और एनसीआर से जुड़े अन्य जिलों में 75 से 100 प्रतिशत तक बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं पंचकुला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में यलो अलर्ट रहेगा। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में 25 से 50 प्रतिशत बारिश की संभावना है।
हरियाणा से होकर गुजरने वाली यमुना नदी, घग्गर नदी, डांगरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पंचकूला के मोरनी में हुई तेज बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। अब तक हुई बारिश ने प्रशासन द्वारा पानी निकासी के लिए किए गए तमाम प्रबंध के दामों की पोल खोल कर रखी हुई है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी बरसते नाल और फल हो रहे हैं और शहरों के साथ-साथ गांव में भी जल भराव से लोग परेशान हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने Haryana Mausam update को देखते हुए सभी जिलों के उपायुक्तों को आदेश दिए हैं कि वह नहरों और नदियों का निरीक्षण करें। अपने-अपने जिलों में बाढ़ ग्रस्त एरिया और संभावित एरिया का एक बार फिर से आकलन करें और इसकी रिपोर्ट पहुंचाएं। अगर कहीं जल भराव है तो उसके निकासी के लिए तुरंत ही उचित प्रबंध करें और मौसम पर नजर बनाए रखें। अगर कोई नदियों के किनारे रह रहा है तो उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
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