हरियाणा में बारिश का रिकॉर्ड, बाढ़ जैसे हालात
हरियाणा न्यूज टूडे। हरियाणा में मानसून इस बार अगस्त की शुरुआत में ही अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। प्रदेश में अगस्त के पहले 10 दिनों के दौरान हुई बारिश ने पिछले 9 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में 10 अगस्त तक 119.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो वर्ष 2018 के बाद इस अवधि में सबसे अधिक है।
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पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त के पहले 10 दिनों में 2018 में 45.2 एमएम, 2019 में 62.0 एमएम, 2020 में 38.5 एमएम, 2021 में 78.4 एमएम, 2022 में 55.0 एमएम, 2023 में 82.1 एमएम, 2024 में 71.3 एमएम और 2025 में 89.6 एमएम बारिश दर्ज हुई थी। वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 119.5 एमएम पहुंच गया है। ( Weather Update in Haryana )
दो दिन और बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। चक्रवाती हवाओं के दबाव और मानसूनी सिस्टम की सक्रियता के कारण कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण फिलहाल तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सोमवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। आसमान में काले बादल छाए और कई स्थानों पर बारिश हुई। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की टर्फ लाइन और स्थानीय मानसूनी तंत्र सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं। वायुमंडल में नमी का स्तर करीब 80 प्रतिशत तक बना हुआ है।
हरियाणा के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

लगातार हो रही बारिश का असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण खेतों और सड़क किनारे जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। कई जगह सड़कें पानी से लबालब हैं और लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
कुछ इलाकों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में पानी जमा होने से किसानों की चिंता भी बढ़ी है। हालांकि, बारिश से खरीफ फसलों को कई क्षेत्रों में फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन अत्यधिक पानी वाले इलाकों में जलभराव फसलों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
अगस्त की शुरुआत में बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
इस बार अगस्त के शुरुआती दिनों में मानसून की सक्रियता सामान्य से ज्यादा नजर आ रही है। पिछले वर्षों की तुलना में इस अवधि में बारिश का आंकड़ा काफी ऊपर पहुंच गया है।
मौसम विभाग और विशेषज्ञों की ओर से लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
कुल मिलाकर हरियाणा में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और आने वाले दो दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। रोहतक में अगस्त के पहले 10 दिनों में 119.5 एमएम बारिश का आंकड़ा इस मानसून की सक्रियता को साफ तौर पर दिखा रहा है।












