Haryana Winter Vacation 2026 School Holiday
हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए जनवरी 2026 खुशी लेकर आई है। साल के पहले दिन से ही छात्रों की ( Haryana Winter vacation School Holiday 2026 ) छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है। सरकार ने स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से की है। ताकि छात्र ढूंढ और कड़ाके के मौसम में अपने घरों में सुरक्षित रह सके।
नए साल की शुरुआत छुट्टियों के साथ
नया साल आमतौर पर बच्चों के लिए नए लक्ष्य और नई उम्मीदें लेकर आता है। ऐसे में साल की शुरुआत अगर छुट्टियों से हो, तो बच्चों में उत्साह और ऊर्जा दोनों बनी रहती है। परिवार के साथ समय बिताना, रिश्तेदारों से मिलना और खुद को मानसिक रूप से तरोताजा करना भी इन छुट्टियों का अहम हिस्सा है। ( Haryana school holiday 2026 latest update )
हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किए गए आदेश के मुताबिक 1 जनवरी से 15 जनवरी तक हरियाणा प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा की गई है। अगर कोई गैर सरकारी स्कूल इस दौरान सरकारी आदेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। 16 जनवरी से फिर से छात्र नियमित रूप से कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल जाएंगे।
हरियाणा सरकार के स्कूलों की छुट्टियों के फैसले से अभिभावकों के साथ-साथ छात्रों ने भी राहत की सांस ली है। कड़ाके की ठंड में अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को सारा दिन परेशान रहना पड़ता था वहीं छात्र भी कड़ाके की ठंड में स्कूल जाने को मजबूर थे।
इस फैसले से न केवल स्कूली छात्रों को राहत मिली है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। हर साल जनवरी महीने में हरियाणा में ठंड अपने चरम पर होती है, ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है।

बोर्ड छात्रों के लिए खास सलाह
10वीं और 12वीं के छात्र जिनकी बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, उनके लिए यह समय बेहद अहम है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र इन 15 दिनों का उपयोग रिवीजन, सैंपल पेपर हल करने और कमजोर विषयों पर फोकस करने में करें। इसके साथ ही विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि छात्र दिनचर्या बनाए रखें और देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने से बचें, ताकि पढ़ाई और सेहत दोनों पर सकारात्मक असर पड़े।
हरियाणा शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक स्कूलों की छुट्टियां प्राइमरी स्कूल, मिडिल स्कूल, हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों के लिए मान्य होंगी। आदेशों के मुताबिक हरियाणा सरकार के सभी सरकारी स्कूल और हरियाणा में चलने वाले सभी प्राइवेट स्कूलों को अपने-अपने स्कूलों में 15 दिन की छुट्टी करनी होगी।
क्या बढ़ सकती हैं छुट्टियां?
फिलहाल शिक्षा विभाग ने 1 से 15 जनवरी तक ही छुट्टियों की घोषणा की है। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे छुट्टियों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यदि तापमान बेहद नीचे चला जाता है या कोहरा लगातार बना रहता है, तो सरकार हालात की समीक्षा कर आगे का फैसला ले सकती है।
सरकारी आदेशों में साफ लिखा हुआ है कि अगर 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोई प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट या अन्य शैक्षणिक कार्य निर्धारित हैं, तो स्कूल आवश्यकतानुसार छात्रों को बुला सकते हैं। इसके लिए पहले से छात्रों और अभिभावकों को सूचना देना अनिवार्य होगा।
ठंड बनी छुट्टियों की सबसे बड़ी वजह
हरियाणा में दिसंबर के अंत और जनवरी के पहले पखवाड़े में तापमान तेजी से गिर जाता है। कई जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच जाता है, जबकि घना कोहरा और शीतलहर आम हो जाती है।
सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ता है। ठंड की वजह से सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ठंड और कोहरे में बाहर निकलना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां परिवहन सुविधाएं सीमित होती हैं।
छात्रों में खुशी की लहर, सोशल मीडिया पर ट्रेंड
शीतकालीन छुट्टियों के ऐलान के बाद छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #HaryanaWinterVacation, #SchoolHoliday, और #JanuaryHolidays जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि उन्हें लंबे समय बाद परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। वहीं कुछ छात्रों ने इसे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुनहरा अवसर बताया।
अभिभावकों ने भी जताई संतुष्टि
अभिभावकों का कहना है कि यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो पूरी तरह सही है। खासकर छोटे बच्चों को सुबह-सुबह ठंड में स्कूल भेजना हर माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन जाता है।
एक अभिभावक ने कहा,
“सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। बच्चों की पढ़ाई जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी उनका स्वास्थ्य है।”
शिक्षकों की प्रतिक्रिया: पढ़ाई और सेहत में संतुलन
शिक्षकों का मानना है कि शीतकालीन अवकाश से पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बशर्ते छात्र छुट्टियों का सही उपयोग करें। कई स्कूलों ने छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन असाइनमेंट, होमवर्क और रिवीजन टास्क देने की योजना बनाई है।
कुछ निजी स्कूलों ने छात्रों को व्हाट्सऐप या स्कूल ऐप के जरिए स्टडी मटीरियल उपलब्ध कराने की भी तैयारी कर ली है, ताकि पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
बोर्ड छात्रों के लिए खास सलाह
10वीं और 12वीं के छात्र जिनकी बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, उनके लिए यह समय बेहद अहम है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र इन 15 दिनों का उपयोग रिवीजन, सैंपल पेपर हल करने और कमजोर विषयों पर फोकस करने में करें।
इसके साथ ही विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि छात्र दिनचर्या बनाए रखें और देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने से बचें, ताकि पढ़ाई और सेहत दोनों पर सकारात्मक असर पड़े।
निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि कोई भी निजी स्कूल छुट्टियों के दौरान नियमित कक्षाएं नहीं लगा सकता। यदि किसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि आवश्यक है, तो वह पूरी तरह वैकल्पिक और सीमित समय के लिए ही होनी चाहिए।
यदि किसी स्कूल द्वारा आदेशों की अवहेलना की जाती है, तो अभिभावक शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
हरियाणा में पहले भी बढ़ी हैं छुट्टियां
यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा सरकार ने ठंड या मौसम को देखते हुए छुट्टियों का ऐलान किया हो। पिछले वर्षों में भी अत्यधिक ठंड, घना कोहरा और शीतलहर के कारण स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई गई थीं।
कभी-कभी मौसम की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने छुट्टियों की अवधि बढ़ाने का फैसला भी लिया है। ऐसे में यदि ठंड का प्रकोप ज्यादा बढ़ता है, तो शिक्षा विभाग आगे कोई नया निर्णय ले सकता है।