Khushi nursing College kagsar Vivad Narnaund News
Narnaund News : हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव कागसर स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज ( Khushi nursing College ) की छात्राओं ने कॉलेज की कमियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राएं हांसी जींद रोड पर जाम लगाने के लिए जा रही थी। लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस मामले में एक सोशल मीडिया पत्रकार को भी गिरफ्तार करने की सूचना मिल रही है।
खुशी नर्सिंग कॉलेज में सुविधाओं का टोटा
नारनौंद क्षेत्र के गांव कागसर स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने आरोप लगाया कि Khushi nursing College में गंदे गंदे गाने बजाए जा रहे हैं। छात्राओं का आरोप है कि इन अश्लील गानों पर छात्राओं को नाचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में सुविधा देने के नाम पर उनसे मोटी फीस वसूल कर ली गई, लेकिन कॉलेज में सुविधाओं के नाम की कोई चीज नहीं है। छात्राओं ने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत काफी बार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
देसी पत्रकार करमू गिरफ्तार
छात्राओं ने बताया कि उन्होंने Khushi nursing College की खामियों को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया के देसी पत्रकार करमू को बुलाकर वीडियो शूट करवाई थी। लेकिन पुलिस प्रशासन ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसने के जुर्म में उसे गिरफ्तार कर लिया। देसी पत्रकार के गिरफ्तार करने के विरोध में छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया और पुलिस प्रशासन पर एक तरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
हांसी जींद रोड़ जाम करने जा रही छात्राओं को पुलिस ने रोका
मंगलवार को खुशी नर्सिंग कॉलेज की सैकड़ो छात्राएं विरोध प्रदर्शन करते हुए कागसर से राजथल गांव तक पैदल पहुंची। छात्राएं हांसी जींद रोड पर जाम लगाकर अपनी आवाज को को सरकार और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना चाहती थी। लेकिन डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई ने पुलिस बल के साथ छात्राओं के हाईवे पर पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में ही रोक लिया।
कॉलेज में अश्लील गानों पर नचाने के लिए मजबूर करने, मना करने पर प्रताड़ित करने का आरोप
डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई और नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार ने छात्राओं को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्राएं अधिकारियों की एक सुनने को तैयार नहीं थी। गुस्साई छात्राओं ने कहा कि Khushi nursing College और हॉस्टल में अश्लील गाने बजाकर उन्हें नाचने के लिए मजबूर किया जाता है और जब मना करता है तब उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। कॉलेज प्रशासन की यह गुंडागर्दी सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नीति पर सरेआम कीचड़ उछाल रही है और सरकार कुछ नहीं कर पा रही।

छात्राओं ने देसी पत्रकार करमू को रिहा करने को लेकर भी जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा कि देसी पत्रकार करमू उनकी समस्याओं को उजागर करने के लिए गर्ल्स हॉस्टल में उनके बुलावे पर आए थे और कॉलेज के चेयरमैन ने खुद उन्हें अपने साथ ले जाकर एक-एक चीज कैमरे में शूट करवाई थी। लेकिन बाद में उन पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया। जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाता तब तक वह शांत नहीं बैठेंगी
छात्राओं के हांसी जींद रोड पर जाम लगाने की प्लानिंग की पुलिस को भनक लग गई। जिसके तुरंत बाद नारनौंद के डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई और नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं की समस्या सुनकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की जो भी समस्याएं हैं वह अधिकारियों के सामने रखें। इसके बाद पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का काम करेगी।

इसकी सूचना मिलते ही डीएसपी विनोद शंकर भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनके साथ न्याय किया जाएगा। उनकी जो भी समस्याएं हैं लिखित में वह प्रशासन को दें। प्रशासन उसके खिलाफ उचित कार्रवाई जरूर करेगा। मामले की पूरी निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करवाया गया और दोषी कॉलेज पर बंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपने विरोध प्रदर्शन को तेज कर देगी। जिसके जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। छात्राओं ने कहा कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है दूसरी तरफ बेटियों के लिए उनकी सुरक्षा के प्रति कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। खुशी नर्सिंग कॉलेज की तरफ से उन्हें पढ़ाई के नाम पर गलत तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है।

इस संबंध में डीएसपी सिद्धार्थ विषयों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि खुशी नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर जाम लगाने जा रही थी लेकिन उन्हें रोक दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझा दिया है और उनकी समस्याओं को बड़ी बारीकी से सुनकर उनका समाधान करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। इस बारे में कॉलेज प्रबंधन से भी जवाब तलब किया जाएगा।
खुशी नर्सिंग कॉलेज कागसर के चेयरमैन से बातचीत करनी चाहिए तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया और कॉलेज का अन्य स्टाफ कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचता रहा। जब कॉलेज के फोन नंबर पर बातचीत की गई तो फोन पर बातचीत करने वाले ने अपना नाम बताने से मना कर दिया और कहा कि इसकी जांच की जा रही है।