Khushi Nursing College visit Haryana women aayog
Narnaund News Today : खुशी नर्सिंग कॉलेज ( Khushi Nursing College ) कागसर का विवाद और भी गहराता जा रहा है। वीरवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कॉलेज का दौरा कर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि खुशी नर्सिंग कॉलेज नाम का ही खुशी है परंतु यहां पर खुशी देने वाली कोई बात नहीं है।
नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं और कॉलेज प्रबंधनको किया तलब
उन्होंने निरीक्षण के दौरान देखा हाल बताते हुए कहा कि लड़कियों के हॉस्टल के बाथरूम के नल में पानी नहीं है और दरवाजा बंद करने के लिए कुंडी नहीं है। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्राओं की समस्या सुनने के बाद महिला आयोग की चेयरपर्सन ने छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज प्रबंधन को भी जिला उपाध्यक्ष कार्यालय में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।

खुशी नर्सिंग कॉलेज का हाल देख भड़की महिला आयोग की चेयरपर्सन
उन्होंने बताया कि कालेज परिसर में रंग रोगन का काम किया जा रहा है और यहां पर लगी लेबर को गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम के अंदर का दृश्य सीधा दिखाई दे रहा है। ऐसे में लड़कियां इस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मानसिक पीड़ा झेल रही हैं। छात्रों से बातचीत में भी उन्होंने कालेज के अध्यक्ष जगदीश और अन्य प्रबंधन पर भी अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं साथ ही कॉलेज परिषद में लड़कियों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया गुरुवार को हिसार दौरे पर पहुंची थी। अचानक रेनू भाटिया खुशी नर्सिंग कॉलेज कागसर में पहुंची। उन्होंने छात्राओं से उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने बताया कि Khushi Nursing College में पढ़ने वाली छात्राओं की काफी शिकायतें मिली हैं। निरीक्षण के दौरान छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों में से कुछ का सच सामने आया हैं कि कॉलेज में बुनियादी ढांचा ठीक नहीं है और उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
कॉलेज संचालक पर शराब के नशे में गर्ल्स हॉस्टल में घुसने का आरोप
खुशी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं ने महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के सामने बताया कि कॉलेज के अध्यक्ष जगदीश रात को शराब के नशे में गर्ल्स हॉस्टल में घुस आते हैं। साथ ही उनकी पत्नी भी बात-बात पर गालियां देती है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में फीस जमा करवाने पर थोड़ा सा लेट होने पर भारी जुर्माना वसूला जाता है और उनकी पढ़ाई के लिए भी अध्यापकों की उचित व्यवस्था नहीं है। केवल दो ट्रेनर अध्यापिकाओं के सहारे उनकी पढ़ाई करवाई जा रही है।
नर्सिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में डर का माहौल
छात्राओं ने बताया कि प्रथम और द्वितीय वर्ष की छात्राओं को सीनियर छात्रों से कक्षा में पढ़ाया जाता है। जब यूनिवर्सिटी की टीम निरीक्षण करने के लिए आती है तो छात्राओं से ही काम लिया जाता है ताकि खुशी नर्सिंग कॉलेज की कमियां उजागर ना हों। कॉलेज में सुरक्षा का अभाव है। Khushi Nursing College संचालक जगदीश द्वारा रात को शराब के नशे में गर्ल्स हॉस्टल में आने से वह डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
कॉलेज हॉस्टल में पीने के पानी और भोजन की नहीं है व्यवस्था
छात्राओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि जब वह फीस देने में थोड़ा सा लेट हो जाती है तो उन्हें Khushi Nursing College स्टाफ द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। फीस के हिसाब से खुशी नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल में बुनियादी सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है। यहां पर छात्रों के लिए ना ही तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और ना ही सही ढंग से भोजन का प्रबंध है। कॉलेज की साफ सफाई भी ठीक तरीके से नहीं करवाई जाती है।

छात्राओं ने बताया कि Khushi Nursing College परिसर में अगर कोई छात्र-छात्रा बीमार हो जाता है तो यहां पर डॉक्टर की कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही बीमारी का इलाज करवाने के लिए उन्हें बाहर हॉस्पिटल में जाने दिया जाता है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ से भी कॉलेज के हालात के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि Khushi Nursing College की हालत बहुत ही बदहाल हैं। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसके लिए कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं, कॉलेज प्रबंधन, इस मामले से जुड़े अधिकारियों को हिसार जिला उपायुक्त कार्यालय में शुक्रवार को सुबह हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। वहां पर छात्राओं के बयान लिखित में लिए जाएंगे। ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके। छात्राओं के बयान दर्ज होने और उनकी जांच करने के बाद ही असल सच्चाई सामने आ पाएगी।
आपको बता दे की हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल के गांव कागसर स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं ने देसी पत्रकार करमू को बुलाकर कॉलेज की कमियों को उजागर किया था। इस मामले में गर्ल्स हॉस्टल में पुरुष के घुसने के मामले में पुलिस ने देसी पत्रकार करमू को गिरफ्तार भी कर लिया था। खुशी नर्सिंग कॉलेज में प्रताड़ना का शिकार छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया था और हांसी जींद रोड़ पर जाम लगाने के लिए भी पहुंची थी। लेकिन छात्राओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया था। डीएसपी विनोद शंकर और डीएसपी सिद्धार्थ बिश्नोई ने लिखित शिकायत देने के 72 घंटे में जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
छात्राओं के समर्थन में इनेलो पार्टी भी सड़कों पर उतराई और उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा छात्राओं के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी पुलिस प्रशासन की जमकर खींचाई कर पार्टी के राष्ट्रीय नेता उमेद लोहान ने चेतावनी दी थी कि अगर छात्राओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष तरीके से जांच कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इनेलो पार्टी कॉलेज पर ताला जड़ने का काम कर देगी







