Zooky Trading company fraud Case update
मल्टी लेवल मार्केटिंग की तर्ज पर Zooky Trading Company में आम नागरिकों से ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार। पुलिस टीम के द्वारा आरोपियों को पेश माननीय न्यायालय में कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
डीएसपी क्राईम भिवानी अनूप कुमार ने आज थाना सदर भिवानी में मीडिया को जानकारी देते हुए बतलाया कि जिले में मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर आम नागरिकों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई थी। भिवानी निवासी महिला ने थाना सदर पुलिस को एक शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बतलाए की आरोपियों के द्वारा www.zookytrading.com नाम से वेबसाइट बनाई गई है जिसके ऊपर आम नागरिकों को इन्वेस्टमेंट करके रुपए दोगुना करने का लालच देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई थी।
थाना सदर पुलिस भिवानी के द्वारा इस शिकायत पर मुकदमा संख्या 575 दिनांक 5.11.2025 धारा 316(2), 318(4), 336(4),338,340(2),61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत थाना सदर भिवानी में दर्ज किया गया था।
Zooky Trading Company fraud Case में प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना सदर भिवानी पुलिस के द्वारा ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कृष्णा निवासी धोड़ जिला झज्जर, कमल किशोर निवासी भिवाड़ी व रामनिवास निवासी अलेवा जिला जींद के रूप में हुई है।
पुलिस टीम के द्वारा आरोपियों को अदालत में कर पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी कृष्णा निवासी धोड़ मुख्य अभियुक्त है जो आरोपी कृष्णा पहले रियल वैल्यू नाम की एक मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी में काम करता था। इस अनुभव का इस्तेमाल करके आरोपी कृष्ण ने फर्जी कंपनी बनाई थी।
आरोपी कमल किशोर कंपनी में प्रमोटर व सेमिनार आयोजित आयोजित करता था। आरोपी रामनिवास अपने क्षेत्र में लोगों को Zooky Trading कंपनी के फायदे बताकर कंपनी से जोड़कर उनसे कंपनी में इन्वेस्ट करवाता था। इस कंपनी में इन्वेस्ट करने वाले लोगों को एक वेलकम किट भी दी जाती थी। वहीं कुछ इन्वेस्टमेंट करने वालों को झांसे में लेने के लिए रुपए भी दिए जाते थे।
आरोपियों के द्वारा फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग की तर्ज पर Zooky Trading Company का सॉफ्टवेयर तैयार किया जाता था, जिसमें नकली ट्रांजैक्शन, नकली कमाई, नकली लेवल दिखाए जाते थे। जो लोगों को लुभाने के लिए आरोपियों के द्वारा बड़े-बड़े इवेंट व मीटिंगों का आयोजन किया जाता था। जिससे कंपनी वास्तविक और लाभ देने वाली दिखती थी। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जाएगी। ( Bhiwani News Today )