Worked as postal servant with fake certificates
नारनौंद क्षेत्र के गांव कागसर के विकास ने की फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे डाक सेवक की नौकरी
हरियाणा न्यूज/नारनौंद : गांव कागसर के एक युवक ने उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शिक्षा बोर्ड के फर्जी प्रमाण पत्रों से मेरिट के आधार पर डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नौकरी हासिल की। जब ग्रामीण डाक सेवक ने खुद ने जब प्रमाण पत्रों की जांच करवाई तो विभाग को प्रमाण पत्रों के सही होने की रिपोर्ट पेश की। वही जब डाक विभाग ने प्रमाण पत्रों की जांच करवाई तो प्रमाण पत्र फर्जी निकले। इसके बाद डाक विभाग जम्मू ने इसकी शिकायत रजिस्टर्ड डाक से नारनौंद पुलिस को भेजी और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा गया। शिकायत के आधार पर नारनौंद पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस जम्मू डिवीजन की रजिस्टर्ड डाक द्वारा नारनौंद पुलिस को 25 अप्रैल को एक शिकायत कागसर निवासी विकास के खिलाफ भेजी गई। जिसमें जम्मू डाक डिवीजन के तहत शाखा पोस्टमास्टर दुग्गन शाखा कार्यालय में तैनात ग्रामीण डाक सेवक के पद पर तैनात विकास द्वारा फर्जी कागजात पर नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्टमास्टर दुग्गन ब्रांच ग्रामीण डाक सेवक पद के लिए वर्ष 2021 में जीडीएस ऑनलाइन सगाई पोर्टल के माध्यम से कागसर निवासी विकास ने ऑनलाइन अप्लाई किया था।
विकास द्वारा अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के बल पर दुग्गन शाखा में बीओ के पद के लिए चयनित किया गया था। विकास ने अन्य शपथ पत्रों और घोषणाओं के साथ सत्यापन के लिए मूल दस्तावेज जिसमें 10 वीं कक्षा का प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद स्थित इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र लगाया गया था और उसको 30 मई 2014 को जारी किया गया था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर विकास ने शाखा पोस्टमास्टर दुग्गन बीओ के पद के लिए नौकरी हासिल की थी।
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