Allegations of misbehavior on CHC staff, earlier also SMO had accepted mistake on behalf of staff nurse
शिकायत पर एसएमओ ने दोनों पक्षों के किए बयान दर्ज
हरियाणा न्यूज ओढां : सिरसा जिले के ओढां का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सामान्य मरीजों को रेफर करने, कभी स्टाफ न मिलने, कभी समय पर इलाज न मिलने तो कभी कर्मचारियों द्वारा मरीजों से अनुचित व्यवहार करने को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। ओढां निवासी एक महिला ने एक स्टाफ नर्स द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। महिला ने जब मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी तो एसएमओ ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए।
एक निजी महाविद्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत गांव ओढां निवासी सुमनलता ने बताया कि वह इलाज के लिए सीएचसी में गई थी। इस दौरान वहां पर सुमन रानी नामक स्टाफ नर्स व एक अन्य अस्थाई कर्मचारी ड्यूटी पर थीं और मोबाइल देखने में मशगूल थीं। आरोप है कि उपचार का कहने पर स्टाफ नर्स सुमन रानी ने पहले तो उसके पूर्व में चल रहे इलाज पर सवाल उठाया और फिर ये कहा कि वह इलाज बारे लिखवाना चाहती है तो डॉक्टर के क्वार्टर पर चली जाए। वहीं सूचना के बाद सुमनलता के पिता रामप्रताप गोदारा मौके पर पहुंचे। रामप्रताप ने बताया कि वह इसी अस्पताल से सेवानिवृत्त हुआ है। अस्पताल की स्टाफ नर्स ने उसके व उसकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने बताया कि 3-4 दिन पूर्व भी उक्त स्टाफ नर्स ने उसकी पत्नी के उपचार के दौरान अभद्र व्यवहार किया था। जिस पर एसएमओ ने स्टाफ नर्स की तरफ से गलती मानते हुए बात को संभाला था। लेकिन उक्त स्टाफ नर्स ने रंजिशवश अब उसकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। दुर्व्यवहार से आहत सुमनलता ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी। जिसके बाद सीएचसी के एसएमओ सुमित जैन ने दोनों पक्षों को अस्पताल में बुलाकर मामले बारे जानकारी लेते हुए उनके बयान दर्ज किए। सुमनलता ने कहा कि स्टाफ नर्स ने उसके व उसके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया है। इसलिए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। मरीज तो वैसे ही परेशान होता है और ऊपर से स्टाफ का रवैया और परेशान करता है। वहीं स्टाफ नर्स सुमन रानी ने भी अपने बयान दर्ज करवाते हुए लगाए गए आरोपों को नकारा। स्टाफ नर्स ने कहा कि उसने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। वह जांच के लिए तैयार है। उस पर बेवजह आरोप लगाकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
स्टाफ नर्स पर अनुचित व्यवहार का आरोप था। जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। इस मामले में जो भी कोई कार्रवाई है वो उच्चाधिकारी करेंगे।